बूंद-बूंद को तरसते ग्रामीण: 3 किलोमीटर दूर चिलचिलाती गर्मी मे सिर पर ढो रहे है पानी

कोलारस। गर्मी का मौसम शुरू होते ही पानी का संकट गहराने लगा है। ग्रामीण क्षेत्र के लोग पानी को परेशान हैं। क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों के प्राकृतिक स्त्रोतों में पानी की मात्रा निरंतर कम होती जा रही है। एक तरफ नगरपालिका क्षेत्र में लोग गर्मी बढ़ते ही झील किनारे नलकूप से पानी की मांग की पूर्ति करते हैं। एक तरफ प्राकृतिक मार और अल्प वर्षा के कारण इस बार क्षेत्र में जल स्तर कम है। वहीं दूसरी और जि मेदार विभाग और अधिकारीयों की उपेक्षा के चलते ग्रामीण क्षेत्रो में पानी कि समस्या दिन व दिन गहराती जा रही है। 

सरकार ने कुछ समय पहले पंचायतों से पानी देने का अधिकार पंचायतों की जगह पीएचई विभाग को दे दिया गया जिसके चलते पंचायत कोई बोर खनन नहीं करा सकती न मोटर डलवा सकती न कोई हैंडपंप डलवा सकती मगर पीएचई का रवैया इतना खराब है कि किसी भी गांव में अपना काम नहीं करते। 

ग्राम पंचायत देहरदा गणेश के सरपंच ने हमारे बताया कि क्षेत्र में चुनाव से पहले मंत्रियों के दौरो चल रहे थे उस समय ग्राम पंचायत देहरदा गणेश में पानी की भारी समस्या के चलते ग्रामीण प्रभारी मंत्री रुस्तमसिंह के सामने पानी की समस्या रखी आनन-फानन में रातों रात ग्राम पंचायत को बोर मेंं मोटर डालने की टीएस जारी की गई व दस दिन में राशि भी उपलब्ध कराने की कहा गया। 

जिसको बाद ग्राम के सरपंच रामबाबू शिवहरे ने मंत्री के आश्वासन पर क्षेत्र की समस्या को देखते हुए अपने नीजी पैसे से लाखों रुपए की मोटर पाइप केबल डलवा कर बोर चालू करवा दिया मगर उसका भुगतान आज दिनांक तक नही किया गया।

इसके बाद इसी ग्राम में दूसरा नल जल योजना का बोर खराब हुआ जिसमें मोटर डालने की व्यवस्था आज दिनांक तक नहीं की गई है। जिससे गांव में पानी की विकराल समस्या खड़ी हो गई है। ग्रमीण लगभग 3 किलोमीटर दूर से एक बावड़ी का पानी लाने को मजबूर है।
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