पैर की टूटी 3 जगह से हड्डी: ऐंबुलेंस में लेटे-लेटे हल किया 12वीं का प्रश्रपत्र

शिवपुरी। कहते है कि संसार की सबसे बडी शक्ति ईच्छाशक्ति होती है,इसी शक्ति का आत्मसात कर एक 12 क्लास के स्टूडेंट जिसकी एक एक्सीटेंड में  पैर की 3 हड्डिया टूट गई थी,उसने अपना पेपर एैम्बूलैंस में लेटे-लेटे पेपेर दिया। यह सलाह डाक्टर ने उसे दी थी। जानकारी के अनुसार पोहरी क्षेत्र के तिलातिली गांव से शिवपुरी पेपेर देने अपनी बाईक से आया था। शिवपुरी के नजदीक ही उसे एक ऑटो चालक ने टक् कर मार दी। इस ऐक्सीडेंट में उसके पैर की हड्डी 3 जगह से टूट गई।  उसके बाद से ही वह शहर के एमएम अस्पताल में भर्ती था। जहां उसने डॉ आरपी सिंह को अपने पेपर के बारे में बताया। इस पर डॉक्टर सिंह ने कहा कि पेपर क्यों छोडते हो। मैं एंबुलेंस तुम्हें दे दूंगाए तुम उसमें लेटे-लेटे पेपर दे सकते हो। 

हरिओम भार्गव ने बताया कि अगर मैं यह पेपर देने नही जाता तो मेरी पूरी एक साल खराब हो जाती। मैने सोचा की अगर में ये पेपर दे दूंगा तो कम से कम एक ही विषय में मेंरी सप्लीमेंट्री आएगी। यह सोचकर में अपने दर्द को भूल गया और मैने आज का पेपर देने की सोची,मेरा यह पेपर अच्छा गया। 

मुझे डॉक्टर साहब की बात जंच गई 
हरिओम ने बताया कि एक्सीडेंट होने के बाद मैं बिस्तर पर लेटे- लेटे यही सोचकर बहुत परेशान था कि मेरी साल बबार्द हो जाएगी, मुझे कहीं से भी सहयोग की उम्मीद नहीं दिख रही थीए लेकिन डॉक्टर साहब ने मेरी बात सुनी और मेरी हौसला अफजाई करने के साथ एंबुलेंस का प्रस्ताव दिया तो मुझे उनकी बात जंच गई। इसके बाद मैंने सोमवार को शहर के नंबर दो स्कूल में लेटे-लेटे हायर सेकंडरी का फ सल उत्पादन का पेपर दिया। स्कूल प्रबंधन ने मेरी सुविधा के लिए एक चपरासी भी मेरे पास खडा किया। 
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