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10 वर्षीय किशोरी का रेप करने वाले को उम्रकैद

शिवपुरी। विशेष न्यायाधीश अरूण कुमार वर्मा ने एक नाबालिग बालिका से बलात्कार के आरोपी धारासिंह पुत्र मारासिंह कुशवाह निवासी हथियान मोहल्ला नरवर वार्ड क्रमांक 7 को दोषी पाते हुए 10 वर्ष की कठोर कारावास और 13 हजार रूपए के अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय ने आरोपी को बलात्कार, अपहरण और जान से मारने की धमकी के आरोप में दोषी पाते हुए सभी धाराओं में अलग-अलग सजाएं सुनाईं हैं।

अभियोजन की कहानी के अनुसार अभियुक्त धारासिंह नरवर में टैंकर चलाने का काम करता है इसी क्रम में उसका नरवर के किलागेट खटीक मोहल्ले में भी आना जाना था। जिसके कारण बालिका और उसके परिवार से परचित हो गया था। 9 सितंबर 2016 को आरोपी धारासिंह बालिका को नरवर के कचहरी महल में ले गया और जहां उसके साथ दुष्कर्म कर दिया। इसके बाद उसने लगातार अवयस्क लडक़ी पर दबाब बनाते हुए उसके साथ कुकर्म किया तथा पीडि़ता व उसके माता पिता को जान से मारने की धमकी दी। 

अभियोक्त्री ने अपनी माता को इसकी जानकारी दी तो मां ने उसकी चिकित्सकीय जांच कराई जिसमें वह गर्भवती पाई गई। इसके बाद पीडि़ता द्वारा माता पिता के साथ थाने में जाकर आरोपी के विरूद्ध भादवि की धारा 363, 366, 506(2), 376(2) तथा पास्को एक्ट का मामला दर्ज कराया है। 

पक्ष विपक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को बलात्कार के आरोप में 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 500 रूपए जुर्माना तथा जुर्माना अदा न करने पर 6 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा से दंडित किया है। भादवि की धारा 363 में 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 1 हजार रूपए जुर्माना तथा धारा 366 में 5 वर्ष के सश्रम कारावास और 2 हजार रूपए जुर्माना, धारा 506 में 2 वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रूपए जुर्माने की सजा से दंडित किया है। 

मोर के शिकारियों को तीन वर्ष की सजा
करैरा के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शरद कुमार लटेरिया ने राष्ट्रीय पक्षी मोर का शिकार करने वाले तीन आरोपियों धनसिंह, सुरेंद्र एवं सुल्तान मोगिया को तीन वर्ष की सजा और 10 हजार रूपए जुर्माने से दंडित किया है। अभियोजन के अनुसार 7 मार्च 2012 को मगरौनी में माता मंदिर के पास तीनों आरोपियों को ग्रामीणों ने मोर का शिकार करते हुए पकड़ा था।

इसके बाद नरवर पुलिस ने तीनों के विरूद्ध मामला दर्ज कर जांच के बाद चालान न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपियों को दोषी पाते हुए उन्हें दंडित किया है। इस मामले में शासन की ओर से पैरवी शासकीय सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी सुनील कुमार भदौरिया ने की। 
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