लगातार चौथे साल आठ दिन की रहेगी चैत्र नवरात्रि, 18 मार्च से शुरू

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शिवपुरी। आगामी 18 मार्च से शुरू होने वाली चैत्र नवरात्रि लगातार चौथी साल भी आठ दिन की ही रहेगी। अष्टमी व नवमी तिथि 25 मार्च को एक ही दिन होने से यह स्थिति बनी है। वर्ष 2015 से अब तक लगातार चैत्र नवरात्रि आठ दिन की ही रही है। पंडितों ने इसका कारण तिथियों में घट-बढ़ होना माना है। दूसरी ओर नवरात्रि के पहले ही दिन गुड़ी पड़वा और विक्रम नवसंवत्सर 2075 का शुभारंभ होगा। इस नूतन वर्ष का नाम विरोधकृत रहेगा। 

रविवार को नववर्ष का शुभारंभ होने पर इस दिन के स्वामी सूर्य वर्ष के राजा और शनि मंत्री होंगे। ज्योतिषियों का मत है कि दोनों ग्रह परस्पर विरोधी हैं, बावजूद इसके सूर्य के प्रभाव से दुनिया में भारत का वर्चस्व बढ़ेगा और शनि के मंत्री रहते न्याय व्यवस्था सुदृढ़ होगी और भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन बढ़ेंगे। प्रतिपदा तिथि एक दिन पूर्व 17 मार्च को शाम 7.41 बजे प्रारंभ हो जाएगी, परंतु इसे अगले दिन रविवार को सूर्योदय काल से ही माना जाएगा। इसलिए पंडितों ने चैत्र नवरात्रि इसी दिन से प्रारंभ होना माना है। 

कब-कब आठ दिन के रहे नवरात्रि: लगातार यह चौथा वर्ष है जब चैत्र नवरात्र आठ दिन के हो रहे हैं। इसके पूर्व वर्ष 2015 में 21 से 28 मार्च तक, 2016 में 8 से 15 मार्च तक और 2017 में 29 मार्च से 5 अप्रैल तक नवरात्रि थी। इसके पूर्व वर्ष 2014 में नवरात्रि 31 मार्च से 8 अप्रैल तक पूरे नौ दिन के थे। ज्योतिष के अनुसार जब दो तिथियां एक ही दिन हो जाती हैं, तब ऐसी स्थिति बनती है। इस वर्ष नवरात्रि का शुभारंभ 18 और समापन 25 मार्च को होगा। इसमें आखिरी दिन अष्टमी व नवमी तिथि एक ही दिन रहेगी। 

सर्वार्थसिद्धि योग में नवरात्रि का होगा शुभारंभ: यह संयोग है कि नवरात्रि का शुभारंभ और समापन दोनों ही रविवार के दिन होंगे। पहले दिन नवरात्र का शुभारंभ सर्वार्थसिद्धि योग में होगा। यह योग इस दिन सूर्योदय से रात 8.18 बजे तक रहेगा। समापन दिवस पर रामनवमी का शुभ मुहूर्त रहेगा। नए वर्ष में मेघेष शुक्र और धनेश होंगे पंडितों के अनुसार इसी दिन विक्रम नवसंवत्सर 2075 का शुभारंभ होगा। इस बार नववर्ष का नाम विरोधकृत है। जिस दिन नूतन वर्ष का शुभारंभ होता है । 
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