
इस संबंध में 30 जनवरी को नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। इससे वर्तमान में जिन बसों में स्पीड गवर्नर लगे हैं, उनमें भी फिर से नए स्पीड गवर्नर लगाने होंगे। स्पीड गवर्नर को लेकर ऐसे वाहन मालिक जिन्होंने 1 अक्टूबर 2015 के पहले रजिस्ट्रेशन कराया है, उन्हें भी इस नियम का पालन करना होगा।
वर्तमान में कई बस संचालक स्पीड गवर्नर को लेकर केवल कागजी कार्रवाई कर लेते थे। अब स्पीड गवर्नर निर्माता व उत्पादक के लिए परिवहन मुख्यालय स्थित कार्यालय में डाटा सेंटर बनाया जा रहा है।