घटयात्रा के साथ हुआ पंचकल्याणक महामहोत्सव | SHIVPURI NEWS

Updesh Awasthee
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शिवपुरी। जैन समाज के सबसे बड़े आयोजन श्री 1008 पंचकल्याणक महामहोत्सव का प्रारम्भ आज घटयात्रा के साथ हुआ। घटयात्रा श्री सेसई मंदिर से शुरू होकर कार्यक्रम स्थज सेसई सडक़ अयोध्या नगरी तक पर समाप्त हुई। जिसमें बैंडबाजों की धार्मिक धुनों, समाज के युवाओं के दिव्यघोष और भगवान शांतिनाथ के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। इस कार्यक्रम में जहाँ दूर-दराज के सैकड़ों महिला- पुरूष श्रद्धालुओं ने भाग लिया। वहीं शिवपुरी-गुना संसदीय क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी कार्यक्रम में षामिल होकर पूज्य मुनिश्री का आर्षिवाद प्राप्त किया। मुनि ने श्रद्धालुओं को प्रचवन कर पंचकल्याणक के महत्व के बारे में बताया।

गुरुवार को पंचकल्याणक महोत्सव समिति के तत्वावधान में आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के प्रिय शिष्य प्रशममूर्ति  श्री 108 अजितसागर जी महाराज संसघ, ऐलक श्री दयासागर महाराज, एलक श्री विवेकानंदसागर महाराज के मंगल सानिध्य में घटयात्रा निकाली गई। घटयात्रा में भगवान 1008 आदिनाथ, शांतिनाथ, महावीर भगवान की प्रतिमाओं को रथ पर विराजमान कर श्री सेसई मंदिर से शुरू होकर कार्यक्रम स्थज सेसई सडक़ अयोध्या नगरी तक पर समाप्त हुई। 

वहां प्रतिमाओं को विराजमान किया गया। घटयात्रा में हाथी पर मुख्य पात्र और ध्वजारोहण कर्ता सवार होकर चल रहे थे। बैंडबाजे, 56 कुमारी, अष्ट कुमारी, 108 महिलाएं सिर पर मंगल कलश लेकर चल रही थी। इस अवसर पर ध्वजारोहण ध्वजारोहणकर्ता चन्द्रकुमार वीरेन्द्र कुमार पत्ते वालों द्वारा किया गया। तत्पष्चात प्रत्येक महिला मण्डल नें मार्च पास्ट करते हुए ध्वज को सलामी दी। पाण्डाल का उद्घाटन सांसद ज्योदिरादित्य सिंधिया ने किया वहीं मण्डप उद्घाटन चौधरी देवेन्द्रकुमार अषोक कुमार प्रमोद कुमार जैन कोलारस द्वारा किया गया।

वेदी उद्घाटन अजितकुमार जैन धौलागढ़ बालों द्वारा किया गया। तत्पष्चात मण्डप षुद्धि, सकलीकरण, इंद्रप्रतिष्ठा कार्यक्रम प्रतिष्ठाचार्य बा. ब्र. अभय भैया के निर्देषन में किये गये। 

इस अवसर पर प्रवचन करते हुए मुनिश्री अजितसागर महाराज ने आज घटयात्रा के माध्यम से मंगलाचरण हुआ है, यह मात्र घटयात्रा नही है, बल्कि आत्मा से परमात्मा बनने वाले चरित्र का उद्घाटन होने वाला है। जब किसी नगर के जीवों का सामूहिक पूण्य कर्म का उदय होता है, तब पंचकल्याण महात्सव उस नगर में आयोजित हो पाता ये पंचकल्याण आत्मा के महत्व को समझने की प्रक्रिया है।

यहां की प्रत्येक क्रिया का अपना एक महत्व होता है। आज का दिन मंगलमय है। अपने अंदर ऐसे भाव जागृत करो कि मैं भी आत्मा से परमात्मा कब बनूँ। आज प्रथम चरण में उत्तर पूर्व की ध्वजा का लहराना सुख- शांति और अभूतपूर्व प्रभावना की ओर संकेत करती है। 

इस अवसर पर ज्योतिरादित्य सिंधिया जी मे कहा कि मैं हमेषा से जैन समाज का प्रसंसक रहा हूॅं। जीवन में अमन और चैन को हासिल करने को जैन समाज के जिओ और जीने दो के सिद्धान्त को प्रत्येक मानव जाति को अपनाना चाहिए। इस अवसर पर शिवपुरी एवं कोलारस के कई जनप्रतिनिधि भी शामिल हुऐ। 

आज यह कार्यक्रम आयोजित होंगें
कल रात्रि में उज्जैन की ज्ञानचेतना मीडिया प्रोडक्षन द्वारा जम्मू स्वामी का वैराग्य नाटिका का मंचन किया गया वहीं आज 24 नवंबर को निम्नलिखित कार्यक्रम यहाँ आयोजित होंगें। प्रात: 7:00 बजे अभिषेक-शांतिधारा, पूजन एवं याग मंडल विधान। 9:00 बजे मुनिश्री के मंगल प्रवचन। 

दोपहर 3:00 बजे प्रवचन एवं मंच कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति। रात्रि 7-00 बजे आरती एवं रात्रि 8:00 बजे से गर्भ कल्याणक पूर्व रूप सौधर्म इंद्रसभा, कुबेर इंद्र द्वारा रत्न वृष्टि, माता के 16 स्वप्न दर्शन, अष्ट कुमारियों द्वारा माता की सेवा, गीत नृत्य आदि कार्यक्रम होंगें। पंचकल्याण स्थल तक जाने के लिये प्रतिदिन प्रात: 6 बजे से महावीर जिनालय के सामने से नि:षुल्क बसें हर समय उपलब्ध रहेंगी।
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