शिवपुरी। सहरिया क्रांति के संयोजक एवं पत्रकार संजय बेचैन पर हातौद में हुए जानलेवा हमले का मामला और भी गंभीर हो सकता था यदि एसपी शिवपुरी सुनील कुमार पांडे सक्रियता और टीआई देहात सतीश सिंह चौहान संवेदनशीलता ना दिखाते। एसपी पांडे को जैसे ही इस घटना की सूचना मिली उन्होंने भारी संख्या में पुलिस फोर्स मौके की तरफ रवाना कर दिया। यदि फोर्स की संख्या कम होती तो संभव था कि पुलिस भी माफिया के हमले का शिकार हो गई होती। भारी संख्या में पुलिस को देखकर माफिया और गुर्गे भाग गए।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि देहात थाना टीआई सतीश सिंह चौहान भी अपने बल के साथ एसपी पांडे के आदेश पर पहुंचे। टीआई चौहान को संजय बेचैन खून से लथपथ हालत में मिले। टीआई ने ऐंबुलेंस का इंतजार नहीं किया बल्कि अपने वाहन से घायल पत्रकार को अस्पताल तक पहुंचाया। पुलिस विभाग की संवेदनशीलता के कारण तत्काल उपचार के प्रबंध हुए और समय रहते संजय बेचैन को रिफर किया जा सका। यदि एसपी पांडे की सक्रियता और टीआई चौहान की संवेदनशीलता में से कुछ भी कम होता तो स्थिति अप्रिय हो सकती थी।
प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।