फर्जी साईन कर ईओडब्ल्यू में शिकायत करने वाले आरोपी को भेजा जेल

NEWS ROOM
0
शिवपुरी। एसडीएम कार्यालय में पदस्थ रहे सेवानिवृत्त रीडर अनिल व्याग्र की फर्जी लेटरहेड पर ईओडब्ल्यू में शिकायत करने के आरोपी जगदीश कुशवाह को शुक्रवार को कोर्ट ने जेल भेज दिया। सेवानिवृत्त रीडर अनिल व्याग्र ने बताया कि जगदीश कुशवाह ने गिर्राज कोली के फर्जी हस्ताक्षर कर लेटरहेड पर शिकायत की थी। इसमें झूठे आरोप लगाकर ईओडब्ल्यू को गुमराह किया गया था। अनिल व्याग्र ने इसका प्राइवेट इस्तगासा न्यायालय में लगाया था। इसके बाद आरोपी जगदीश कुशवाह पर प्रकरण दर्ज किया गया। इस प्रकरण में जगदीश कुशवाह के हस्ताक्षरों का नमूना लेना था लेकिन जगदीश कुशवाह यह हस्तलेख देने में कई दिनों से आनाकानी कर रहा था। 

इसके बाद सतनवाड़ा पुलिस ने जगदीश कुशवाह को कोर्ट में पेश किया यहां भी कोर्ट में आरोपी जगदीश ने हस्तलेख देने से मना किया। जांच में सहयोग ने करने और हस्तलेख न देने पर जेएमएफसी न्यायालय ने वारंट बनाकर इसे जेल भेज दिया। 

पहले लेटरहेड चुराया और फिर किए फर्जी हस्ताक्षर
सेवानिवृत्त रीडर अनिल व्याग्र ने बताया कि जगदीश कुशवाह ने चार साल पहले ईओडब्ल्यू में भाजपा नेता जगदीश कोली के लेटरहेड पर फर्जी हस्ताक्षर कर शिकायत की थी। शिकायत में जिस गिर्राज कोली का नाम था उसने शपथ पत्र के माध्यम से न्यायालय को बताया कि शिकायत में उसके हस्ताक्षर नहीं और उसके लेटरहेड को चुराकर इसका इस्तेमाल किया गया है।

न्यायालय में अनिल व्याग्र के आवेदन पर से जगदीश कुशवाह पर धारा 417, 418 के तहत मामला कायम किया गया था। इसके बाद न्यायालय ने जांच का काम सतनवाड़ा पुलिस को सौंपा इसमें जगदीश के हस्तलेख मेच कराए जाने थे लेकिन वह सहयोग नहीं कर रहा था। 

धरने पर बैठ बनाया था दबाव
जिस जगदीश कुशवाह को कोर्ट ने जेल भेजा है वह सेवानिवृत्त रीडर अनिल व्याग्र पर भ्रष्टाचार के तमाम आरोप लगाकर कलेक्टोरेट के सामने धरने पर बैठ चुका था तब तत्कालीन कलेक्टर ने इसका तंबू हटवाया था। सेवानिवृत्त रीडर अनिल व्याग्र ने बताया कि यह आरोपी लगातार कई जगह उनकी झूठी शिकायतें कर उन्हें परेशान कर रहा था। 

इनका कहना है-
न्यायालय के निर्देश पर जगदीश कुशवाह पर प्रकरण दर्ज था। फर्जी हस्ताक्षर मामले में इसके हस्तलेख लिए जाने थे यह पुलिस को जांच में सहयोग नहीं कर रहा था। हमने कोर्ट में पेश किया तो वहां भी जगदीश ने हस्तलेख नहीं दिए इसके बाद इसका जेल वारंट कोर्ट ने बना दिया। 
जयसिंह यादव,थाना प्रभारी, सतनवाड़ा
Tags

Post a Comment

0Comments

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!