शिवपुरी। वैसे तो भारतीय जनता पार्टी दो धड़ों में बटी हुई है। पार्टी में अंदरूनी बगावत अक्सर देखने को मिलती रही है परंतु अब यह बगावत सरेआम सामने आ रही है। खबर आ रही है कि भाजपा के नेता ने यशोधरा राजे सिंधिया के प्रतिनिधि बनने से इंकार कर दिया। बताया गया है कि उक्त भाजपा नेता यशोधरा गुट से शुरू से ही दूर रहे है परंतु उक्त जयभान सिंह पवैया और रूस्तम सिंह से जुडे हुए है।
विदित हो कि क्षेत्रीय विधायक और प्रदेश सरकार की मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने जिन 12 विधायक प्रतिनिधियों की नियुक्तियां की हैं उनमें से जनपद पंचायत शिवपुरी में विधायक प्रतिनिधि बनाए गए जंडेल सिंह गुर्जर ने इंकार कर दिया है। श्री गुर्जर ने विधायक प्रतिनिधि पद का नियुक्ति पत्र भी नहीं लिया। उन्होंने कहा कि मैं जनपद में स्वयं निर्वाचित सदस्य हूं। ऐसी स्थिति में अच्छा हो यशोधरा राजे मेरे स्थान पर किसी अन्य को मौका दें।
जिला पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष रहे जंडेल सिंह गुर्जर कभी भी भाजपा की गुटीय राजनीति में यशोधरा राजे सिंधिया के नजदीक नहीं रहे। श्री गुर्जर ने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव भी अपनी दम पर लडक़र जीता था। वर्तमान में वह जनपद पंचायत शिवपुरी में सदस्य पद पर निर्वाचित हुए हैं। ग्रामीण इलाकों में उनका अच्छा वर्चस्व और प्रभाव माना जाता है।
श्री गुर्जर ने विधायक प्रतिनिधि बनने से क्यों इंकार किया यह स्पष्ट नहीं हो सका है और न ही इस विषय में जंडेल सिंह गुर्जर साफ साफ कह रहे हैं, लेकिन माना जाता है कि इस समय वह प्रदेश सरकार के मंत्री जयभान सिंह पवैया और प्रभारी मंत्री रूस्तम सिंह के नजदीकी हैं। यह स्पष्ट नहीं हो सका कि श्री गुर्जर को विधायक प्रतिनिधि बनाने की यशोधरा राजे से सिफारिश किस भाजपा नेता ने की थी।
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