
अभियोजन के अनुसार आरोपी ओमप्रकाश जैन पुत्र बाबूलाल जैन निवासी राजपुरा रोड गणेश गली ने फरियादी हृदेश राठौर पुत्र दिनेश राठौर निवासी कमलागंज शिवपुरी से अपनी पारिवारिक एवं व्यवसायिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए एक लाख रुपए बतौर उधार ऋण के रूप में लिए थे।
जिसके ऐवज में आरोपी ने एक चैक 10 जुलाई 2015 को राशि 50 हजार रुपए शाखा बैंक ऑफ बडौदा शिवपुरी एवं एक और चैक राशि 50 हजार रुपए दिनांक 8 अगस्त 2015 का भुगतान हेतु प्रस्तुत किया गया था, उक्त दोनों चैक नियत तिथि को फरियादी ने भुगतान हेतु अपने खाते में प्रस्तुत किए तो बैंक द्वारा उक्त दोनों चैक अपर्याप्त निधि की टीप के साथ फरियादी को वापस कर दिए गए। फरियादी ने उक्त दोनों चैक बाउंस होने के संबंध में अपने अधिवक्ता गजेन्द्र सिंह यादव से उक्त दोनों चैक राशि की मांग के संबंध में रजिस्टर्ड नोटिस भिजवाए गए।
उक्त नोटिस की जानकारी होने के बाद भी आरोपी ओमप्रकाश ने फरियादी हृदेश राठौर को उक्त चैकों की राशि अदा नहीं की, इसके बाद फरियादी ने अपने अधिवक्ता गजेन्द्र सिंह यादव के माध्यम से उक्त दोनों चैक के संबंध में दो परिवाद पत्र प्रस्तुत किए। उक्त प्रकरण में आई साक्ष्य के विवेचन उपरांत माननीय न्यायालय जेएमएफसी महोदय श्री अभिषेक सक्सेना शिवपुरी की कोर्ट में उक्त मामले की सुनवाई हुई।
आरोपी को उक्त दोनों चैकों के प्रकरण में आरोप सिद्ध होने पर अलग-अलग एक-एक वर्ष का सश्रम कारवास व 65-65 हजार रुपए फरियादी को प्रतिकर देने का आदेश पारित किया। उक्त दोनों प्रकरणों में प्रतिकर राशि अदा न करने पर आरोपी को छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना का आदेश पारित किया। उक्त प्रकरण में फरियादी की ओर से पैरवी गजेन्द्र सिंह यादव व जूनियर अधिवक्ता अशपाक खान ने की।