
इसके पश्चात भावुक होकर श्री सिंधिया ने पूर्व नपाध्यक्ष श्री शिवहरे को याद किया और निधन को समाज के और कांग्रेस पार्र्टी के लिए अपूर्र्णिय क्षति बताया। श्री सिंधिया ने उनके पुत्रगण राजेन्द्र शिवहरे, अनिल शिवहरे व भतीजे डॉ. रामकुमार शिवहरे, रविन्द्र शिवहरे और संतोष शिवहरे को ढांढस बंधाया।
इस दौरान श्री सिंधिया ने कहा कि स्व. लक्ष्मीनारायण शिवहरे और मेरे पिता कै. माधवराव सिंधिया के बीच जो आत्मीय संबंध थे उन्हें भुलाया न हीं जा सकता। श्री शिवहरे में अपने पिता की छवि देखता हूं। जब से मैने श्री शिवहरे के निधन का समाचार सुना है तब से मैं बहुत व्यथित हूं और जब भी मैं अपनी आंख बंद करता हूं तब उनकी छवि मेरे सामने आ जाती है। श्री शिवहरे हमेशा मेरे मार्गदर्शक बनकर रहे जिन्होंने मेरे पिता की मृत्यु के बाद मुझे पिता की कमी महसूस नहीं होने दी।
जब से श्री शिवहरे का स्वास्थ्य खराब हुआ तब से मैं हर पल उनके शीघ्र स्वस्थ्य होने की कामना करता था और फोन पर उनका हाल चाल भी जान लेता था। आज वह हमारे बीच नहीं इससे मैं काफी व्यथित हूं।
ईश्वर से कामना करता हूं कि वह उनकी आत्मा को शांति दें। इस दौरान सांसद सिंधिया ने स्व. लक्ष्मीनारायण शिवहरे के पुत्र राजेन्द्र शिवहरे और भतीजे डॉ. रामकुमार शिवहरे से चर्चा की और उनके परिवार की हाल चाल जाने। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेता जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं विधायक रामसिंह यादव, पूर्व विधायक गणेश गौतम, पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष पदम चौकसे, नगर पालिका अध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह, नपा उपाध्यक्ष अनिल शर्र्मा अन्नी, हरवीर सिंह रघुवंशी, सिद्धार्थ लढ़ा, कपिल भार्गव सहित समाजसेवी और पत्रकारगण उपस्थित रहे।