
एडीएम तथा उसके गार्ड के द्वारा किया गया कृत निंदनीय होकर मध्य प्रदेश सरकार के लिए भी सोचनीय है। यदि समाचार पत्र में मामला प्रकाशित हुआ ओर एडीएम इतना बोखला गए इससे यह सिद्ध होता है कि उक्त घोटाले के मामले में कहीं ना कहीं एडीएम दोषी हैं। जिसकी वजह से बोखलाहट के चलते हमारे पत्रकार साथी के साथ ऐसा कृत्य किया गया।
समस्त पत्रकारों ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर समाचार से संबंधित मामले में दोषी एडीएम पर कार्यवाही की जाए तथा मारपीट एवं अधिकार ना होते हुए भी जेल भेजे जाने संबंधित मामले में अलग से अपराध पंजीबद्ध कर दोषी गार्ड एवं एडीएम को जेल भेजा जावे। मध्यप्रदेश में भी पत्रकार सुरक्षा कानून महाराष्ट्र की तर्ज पर बनाया जाए जिससे हम पत्रकार सुरक्षित महसूस करें।
यदि उक्त दोनों आरोपियों पर कार्यवाही नहीं की जाती है व पत्रकार सुरक्षा कानून नही बनाया जाता है तो शीघ्र ही पत्रकार संघ उग्र आंदोलन के लिये मजबूरन बाध्य होगा। इस अवसर पर समस्त पत्रकारगण उपस्थित थे।