
जानकारी के अनुसार मंजू प्रजापति उम्र 29 वर्ष निवासी छिंदवाड़ा का विवाह 19 जुलाई 2015 में मोहन प्रजापति पुत्र बाबूलाल प्रजापति निवासी तारकेश्वरी कॉलोनी शिवपुरी से हुआ था। मंजू के पिता ने अपनी हैसियत के अनुसार शादी में दान दहेज दिया था, लेकिन शादी के कुछ महीने बाद ही मंजू का पति मोहन, ससुर बाबूलाल और सास तारा प्रजापति मंजू से कहने लगे कि हमारे यहां लडक़ी वालों की तरफ से शादी में 10 लाख रुपए आते हैं और तु हारे पिता ने नहीं दिए इसलिए तुम अपने पिता के यहां से दहेज के रूप में 10 लाख रुपए लेकर आओ।
जब मंजू ने दहेज लाने से इंकार कर दिया तो ससुरालीजनों की प्रताडऩा बढ़ती गईं उसके साथ ससुरालीजन मारपीट भी करने लगे। इसी प्रताडऩा से ग्रसित होकर मंजू का तीन माह का गर्भ भी गिर गया। जब मंजू की सहनशक्ति जबाव दे गई तो वह अपने मायके चली गई और ससुरालीजनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पीडि़ता की रिपोर्ट पर से पुलिस ने पति, सास और ससुर के खिलाफ धारा 498ए, 323, 294, ताहि 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।