खनियाधाना। जिले के खनियाधाना के बामौरकला के रतवास में वेतबा नदी के किनारे सिद्ध मंदिर में फंसे साधू गोविंदपुरी और गुर्जर बाबा को नदी में लगातार बढ़ रहे पानी के कारण आज भी निकालने में प्रशासन को पसीना छूट गया। लेकिन तीन तैराक मझेले बघेल, भगवान सिंह यादव और रघुवीर यादव ट्यूबों की सहायता से मंदिर तक पहुंचने में सफल हो गए हैं।
लेकिन गुर्जर बाबा की वृद्ध अवस्था और बीमारी के कारण उन्हें पानी में उतारना खतरनाक साबित होने के कारण निकालने में परेशानी आ रही है। इस कारण प्रशासन नदी का जल स्तर कम होने तक का इंतजार कर रहा है। हालांकि रेस्क्यूदल उन्हें निकालने के लिए हर संभव प्रयास करने में लगा हुआ है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने तैराकों की सहायता से साधुओं के पास खाने पीने की सामग्री पहुंचा दी है। बामौरकला थाना प्रभारी केएन शर्मा का कहना है कि तैराकों ने साधुओं से मोबाईल के माध्यम से बात करा दी है और प्रशासन साधुओं के संपर्क में है, इसलिए चिंता की ऐसी कोई बात नहीं है। जल्द ही दोनों साधुओं को वहां से सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा।