शिवपुरी। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश श्री कमर इकबाल खां ने एक निर्णय में फर्जी मार्कशीट आवेदन फार्म के साथ संलग्न कर नौकरी पाने वाली नर्स मिथलेश गोस्वामी को दोषी पाते हुए चार वर्ष के सश्रम कारावास और एक हजार रूपए के अर्थ दण्ड से दण्डित किया है।
अर्थ दण्ड अदा न करने पर आरोपी महिला को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन की कहानी के अनुसार एएनएम पद की पात्रता हांसिल करने के लिए आरोपी मिथलेश गोस्वामी ने मध्य प्रदेश राज्य ओपन स्कूल भोपाल की हाईस्कूल की फर्जी मार्कशीट आवेदन पत्र के साथ संलग्न की थी।
मार्कशीट में अनुक्रमांक 4301824122 था और मार्कशीट सन 2008 की थी। इस मार्कशीट का आवेदन पत्र के साथ संलग्न कर आरोपी महिला ने महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता के पद पर नियुक्ति प्राप्त कर ली जब इस विषय में मु य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने ओपन स्कूल भोपाल से जानकारी ली तो विदित हुआ कि उक्त मार्कशीट फर्जी थी।
इस तरह से फर्जी मार्कशीट के सहारे आरोपी मिथलेश गोस्वामी ने न केवल नौकरी हांसिल कर ली थी बल्कि वेतन भी प्राप्त करने का ताना बाना रचा था। इस पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी महिला के विरूद्ध भादवि की धारा 420, 467 और 468 के तहत मामला दर्ज कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया।
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