भोपाल। करोड़ों रुपए की जल आवर्धन योजना इस साल भी पूरी नहीं होगी। योजना पांच साल में पूरी होनी थी। लेकिन समयावधि हर छह माह में बढ़ रही है। दोशियान कंपनी ने दावा किया था हर हाल में जनवरी 2016 तक पानी शहर को मिल जाएगा। अब जिला प्रशासन ने कंपनी पर शिकंजा कसा है। ठेका कंपनी को नोटिस जारी किया है। कलेक्टर का सख्त पत्र इटारसी नगरपालिका को मिला है। अगर 14 मार्च तक कंपनी कार्य पूरा नहीं करती है तो उस पर एफआईआर दर्ज करवाई जाए। दूसरी ओर होशंगाबाद कलेक्टर का कहना है 28 फरवरी तक समय दिया है। इसके बाद कंपनी प्रबंधन ही नहीं, जिम्मेदार अधिकारियों पर भी एफआईआर दर्ज होगी।
गर्मियों में शहर की वॉटर सप्लाई धोखेड़ा पंप पर ही निर्भर रहेगी। सड़क खोदकर टंकियों तक अंडरग्राउंड पाइप ले जाने का काम अधूरा है। कहीं सड़क खोद दी, पाइप नहीं बिछे। जहां पाइप बिछ गए वहां बैंड लगाकर आपस में कनेक्ट नहीं किए। गर्मी में योजना पूरी होने के आसार नहीं दिखने पर लाइन एरिया में जल संकट गहराने के पहले सड़क पर पाइप लाइन डालकर ट्यूबवेल आपस में जोड़े जा रहे हैं। रहवासियों की शिकायत है कि पुरानी भूमिगत पाइप लाइन लीकेज होने से घरों में दूषित पानी आ रहा है। यह यूआईडीएसएसएमटी की योजना है। पिछले साल 31 जुलाई की डेडलाइन तक काम फाइनल न होने पर प्रेसिडेंट इन कौंसिल की बैठक में यह मुद्दा उठा था। छह महीने पहले तक कंपनी यह मान रही थी कि मेहराघाट जल संयंत्र का 25 फीसदी काम बाकी है। इसे पूरा होने में चार महीने लगेंगे। योजना की धीमी रफ्तार को देखते हुए खुद कलेक्टर ने मेहराघाट पहुंचकर दिसंबर तक अधूरा कार्य पूरा करने का अल्टीमेटम दिया था।