भोपाल। फर्जीवाड़ा कर पटवारी की नौकरी हासिल करने वाले 19 उम्मीदवारों पर केस दर्ज होने के एक दिन बाद गुस्र्वार को पुलिस ने फर्जी कंप्यूटर सर्टिफिकेट जारी करने वाले दोनों कॉलेज संचालकों पर भी एफआईआर दर्ज की है। चार साल बाद दोनों कॉलेज संचालकों को भी आरोपी बनाया गया। ग्वालियर के सिम्बोसिस ग्रुप ऑफ कॉलेजेस के निदेशक प्रीतम किरार और रायपुर के महाविद्यालय अंगूरीदेवी मामनचंद ग्लोबल एजुकेशन एवं वेलफेयर सोसायटी के वाइस चेयरमैन सुनील अग्रवाल पर धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज बनाने और सरकार को गुमराह करने की धाराएं लगाई गई हैं।
चार साल से दबा था मामला
कलेक्टर जांच केे मुताबिक 2008 की व्यापमं परीक्षा पास करने वाले 19 उम्मीदवारों को इन कॉलेजों ने फर्जी कंप्यूटर प्रमाण-पत्र जारी किए। जिला प्रशासन द्वारा भेजे जाने पर इन कॉलेज संचालकों ने इन प्रमाण-पत्रों को सही ठहराते हुए सत्यापित भी कर दिया। तत्कालीन शिवपुरी कलेक्टर ने जांच करवाई तो प्रमाण-पत्र में लिखे पते पर रायपुर में कॉलेज ही नहीं मिला।
ग्वालियर के कॉलेज से भी फर्जी तरीके से प्रमाण-पत्र देने की बात सामने आई। इसके बाद तत्कालीन कलेक्टर आरके जैन ने 11 जनवरी 2012 को इन कॉलेज संचालकों पर एफआईआर दर्ज करने के लिए एसपी को पत्र लिखा। इसके बाद तीन जनवरी 2013 को फर्जी उम्मीदवारों के खिलाफ एफआईआर का पत्र लिखा गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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