शिवपुरी। शिवपुरी का विकास यदि नहीं हो रहा तो इसके लिए प्रदेश की भाजपा सरकार जिम्मेदार है जो मेरे द्वारा स्वीकृत कराई गईं विकास योजनाओं का आठ-आठ साल तक भी क्रियान्वयन नहीं कर पाई।
सिंध, सीवेज प्रोजेक्ट, चांदपाठा तालाब के रिसाव की योजना और मेडिकल कॉलेज निर्माण की योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु प्रदेश सरकार पर दवाब और बढ़ाना होगा। जल आंदोलन को जन आंदोलन बनाया जाएगा और मीडिया भी इसमें नागरिक के तौर पर जुड़कर सहभागिता निभाए।
उक्त बात सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सिंध प्रोजेक्ट और सीवेज प्रोजेक्ट के निरीक्षण के बाद बॉम्बे कोठी में आयोजित पत्रकारवार्ता में कही।
पत्रकारवार्ता में श्री सिंधिया ने बताया कि उन्होंने 2009-10 में चांदपाठा तालाब के रिसाव की योजना को मंजूर कराया था। विश्व बैंक की सहायता से स्वीकृत हुई 6 करोड़ रूपये की यह योजना अभी सलाहकार स्वीकृति का इंतजार कर रही है। मेडिकल कॉलेज उन्होंने पूर्व स्वास्थ्य मंत्री गुलामनवी आजाद से स्वीकृत कराया था, लेकिन इसमें भी भाजपा सरकार ने तमाम अडंग़े लगाए।
अभी भी इस योजना के क्रियान्वयन हेतु काफी काम किए जाने की जरूरत है। मेडिकल यूनिवर्सिटी के लिए प्रस्ताव, संचालन समिति का गठन, जमीन का सीमांकन, निर्माण एजेन्सी का निर्णय सहित अनेक कार्य संपादित किए जाने हैं। सीवेज प्रोजेक्ट की चर्चा करते हुए श्री सिंधिया ने कहा कि उन्होंने 2008 में 65 करोड़ रूपये की लागत का प्रोजेक्ट स्वीकृत कराया था इसमें अभी तक 132 किमी लाइन में से सिर्फ 39 किमी लाइन ही डल सकी है।
कहा जा रहा है कि 31 मार्च 2016 तक सीवेज लाइन का कार्य पूर्ण हो जाएगा जिसमें अभी भी शंका है। जबकि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट सित बर 2017 में पूरा होगा। समझा जा सकता है कि इस काम की र तार कितनी धीमी है। जबकि एनएचए और फॉरेस्ट क्षेत्र में लाइन डालने की स्वीकृति कब मिलेगी कुछ कहा नहीं जा सकता।
सिंध जलावर्धन योजना का तो और भी बुरा हाल है। दोशियान कंपनी की शर्तों का प्रदेश सरकार पालन नहीं कर रही जिससे काम रूका हुआ है। सीवेज और सिंध का काम पूर्ण हुए बिना शहर में सड़कों का निर्माण कैसे होगा इस पर भी श्री सिंधिया ने चिंता जाहिर की। पॉलीटेक्निक कॉलेज भी उन्होंने 2008 में स्वीकृत कराया था, लेकिन अभी तक इस कॉलेज में क्लासेस शुरू नहीं हुई है।


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