शिवपुरी। शुक्रवार सुबह 6:30 जाधव सागर के गौरी कुंड में सफाई कार्य के दौरान नपा कर्मचारी पप्पन खां पर एक मगरमच्छ ने हमला कर दिया। हालांकि वह सतर्कता से बच गया और बाद में नेशनल पार्क के बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर मगरमच्छ को दबोच लिया। दल ने मगरमच्छ को अमोला के पास सिंध नदी में छोड़ दिया।
शहर के तीन प्रमुख तालाब जाधव सागर, गूजर ताल और चांदपाठा आपस में जुड़े हुए हैं। इनसे शहर के प्रमुख नाले भी जुड़े हैं। चांदपाठा व जाधव सागर में मगरमच्छ अधिक हैं। इसलिए ये नालों के जरिए पॉश कॉलोनियों में भी आ गए हैं। नालों में पानी बढने या कम होने पर इनके बाहर आने की घटनाएं होती हैं।
10 बार निकले मगरमच्छ
1 जुलाई से 30 सितंबर तक शहर में दस स्थानों पर मगरमच्छ नालों से बाहर आए हैं। इनमें से चार को दबोचकर सिंध नदी में छोड़ा है।
कुंड में उतरते ही किया हमला
बकौल पप्पन शुक्रवार सुबह साढे छह बजे जब वह मोटर में फंसे कचडे को निकालने के लिए कुंड में उतरते समय पानी में हलचल होती देखी। अचानक एक गणेश प्रतिमा के पीछे से सात फीट लंबे मगरमच्छ ने उस पर हमला बोला। हालांकि सतर्क पप्पन ने खुद डंडे का सहारा लेकर बचाया।
15 मिनट में पकड़ा
सूचना मिलने के बाद नेशनल पार्क से रेस्क्यू टीम के प्रभारी डॉ.जितेंद्र जाटव मय टीम के पहुंचे। उन्होंने गौरी कुंड में जाल डाला और महज 15 मिनट में ही मगरमच्छ को दबोच लिया। टीम उसे गाडी में डालकर सिंध नदी अमोला पर छोड़ आई।
