शिवपुरी। एक आदिवासी छात्रा का पिछले का पिछले एक साल से जाति प्रमाण पत्र नही बन पर रहा है जिससे उसे छात्रवृति नही मिल रही है इस कारण उसकी पढाई में कठिनाई हो रही है। यह आवेदन दिया जिसे यह कहकर चलता कर दिया।
जानकारी के अनुसार शासकीय उमावि क्रमांक दो में संचालित मॉडल स्कूल में कक्षा 10वीं की रेगुलर छात्रा काजल पुत्री रामरतन आदिवासी, मंगलवार को जनसुनवाई में आवेदन देने आई। जिसे यह कहकर चलता कर दिया कि स्कूल जाओ वहीं से तु हारा जाति प्रमाण पत्र बनाया जाएगा।
जनसुनवाई के समय शहर की मिडिया ने जब काजल से उसकी परेशानी पूछी तो उसने रोते हुए बताया कि मैं एक साल से जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए भटक रही हूं। मुझे कक्षा 9 की भी छात्रवृत्ति नहीं मिली और दसवीं में मेरी पूरक आई है।
काजल ने बताया कि पूरक आने की वजह से मुझे हॉस्टल से भी निकाल दिया है, इसलिए अब मैं नौहरी में रह रही हूं। आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक आईयू खान ने जब काजल को खबरनवीसों से चर्चा करते हुए देखा तो उन्होंने शिक्षा विभाग के कर्मचारी को बुलाया और उससे कहा कि इस छात्रा का जाति प्रमाण पत्र बनवाओ।


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