कवि सम्मेलन में डॉ.अखिल की कविताओं ने बांधा समां

0
शिवपुरी। राजस्थान प्रदेश के जिला बांरा में गत दिवस महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर भव्य कवि स मेलन का आयोजन किया गया। इस कवि स मेलन में शहर के यातिनाम सुप्रसिद्ध चिकित्सक डॉ.अखिल बंसल संचालक श्रीराम पैथोलॉजी श्रीराम कॉलोनी को भी शामिल होने का सौभाग्य मिला। 

कार्यक्रम में डॉ.अखिल ने प्रसिद्ध कवि डॉ.राज बुन्देली मु बई,अब्दुल जब्बार हल्दीघाटी,योगेन्द्र शर्मा भीलवाड़ा, सुरेन्द्र यादवेन्द्र बारां, जगदीश जलजला बारां, अश्विनी त्रिपाठी बारां, लोकेश मृदुल बारां, सुश्री शाबिया जसर भोपाल, बाबू बंजारा कोटा के बीच अपनी मनमोहक व प्रेरणादायी प्रस्तुति दी। डॉ.अखिल ने इसमें छह मुक्तक एक कविता और एक गीत सुनाया। जिसमें कभी तुम राम कह लेना, कभी रहमान कह लेना, कभी गीता गुरूवाणी, कभी कुरआन कह लेना, शहीदों की अगर इज्जत जरा सी भी कभी की हो, फकत, इक बार दिल से आप हिन्दुस्तान कह लेना...।। को उपस्थितजनों द्वारा सर्वत्र सराहा गया।  जिसके चलते यह कार्यक्रम देर रात तक चला और रात्रि 03 बजे तक श्रोता मंत्रमुग्ध बने रहे। डॉ.अखिल के इस कविता पाठ ने सभी कवियों व अन्य लोगों का मन मोह लिय। यहां बताना होगा कि अंचल में डॉ.परशुराम शुक्ल विरही के बाद शिवपुरी के साहित्य में एक जो लंबी खाई आ गई थी उसे डॉ.अखिल बंसल पाटने का पुरजोर प्रयास कर रहे है। अभी पिछल साल ही उनकी काव्य कृति प्रहार का लाकार्पण भी हुआ था। उनके उज्जवल भविश्य की कामना करते हुए शिवपुरी के साहित्य प्रेमियों ने बधाई दी है। 

Tags

Post a Comment

0Comments

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!