बलात्कार के दो मामलों में बलात्कारीयों को 10 एंव 7 साल की कैद की सजा

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शिवपुरी- अपर सत्र न्यायाधीश व्ही.एस.पाटीदार ने  बलात्कार के मामले में शिशुपाल पुत्र मुलायम खंगार उम्र 21 निवासी ग्राम नदना को दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई दी है। 

अभियोजन के अनुसार घटना इस प्रकार है कि दिनॉक 9 जून 2014 को फरियादी शांति आदिवासी ने ने थाना भौंती आकर मौखिक रिपोर्ट की उसकी नातिन अभियोक्त्री आयु 13 साल व आरोपी का एक दूसरे के यहॉ आना जाना था दिनांक 6.06.2014 को वे खाना खाकर सो रहे थे सुवह उठकर देखा कि तो लडकी नही मिली।

 लडकी को आरोपी शिशुपाल बहला फुसलाकर भगा ले गया है इस पर पुलिस थाना भैंाती अपराध क्रं 150/14 पर धारा 363,366 भादवि के तहत रिपोर्ट दर्ज कर बाद अनुसंधान धारा 376 एवं 3/4/5/6 लैंगिक अपराधों से बालक का संरक्षण अधिनियम 2012 का इजाफा करते हुए अभियोग पत्र आरोपी के विरूद्ध अभियोग पत्र जिला सत्र न्यायालय में पेश किया ।

जहॉ से दिनांक 15.09.14 को को यह प्रकरण इस न्यायालय को प्राप्त हुआ जहॉ गवाही गवाहान के बाद प्रकरण की समग्र परिस्थितियो को ध्यान में रखते हुए धारा 363 के आरोप में तीन वर्ष व सौ रू अर्थदण्ड,व धारा 366 में पॉच वर्ष के कठोर कारावास व 200 रू अर्थदण्ड एवं धारा 376 के आरोप में दस वर्ष के कठोर कारावास एवं 400 रू अर्थदण्ड व अर्थ दण्ड अदा न करने पर अतिरिक्त चार माह के कारावास की सजा सुनाई अभियोजन की ओर से पैरवी एड.राजकुमार पाठक ने की।

 वहीं दूसरी ओर एक ओर प्रकरण में न्यायाधीश श्री पाटीदार ने बलात्कार के आरोपी अर्जुन पुत्र मलखान सिंह कुर्मी उम्र 21 वर्ष निवासी फतेहपुर थाना पिछोर को सात वर्ष की सजा से दण्डित किया। 

अभियोजन के अनुसार दिनांक 21.04.2014 को फरियादी हुकुम सिंह कुर्मी ने थाना आकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी लडकी उम्र 16 वर्ष उसे उसका पडोसी अर्जुन कुर्मी नाम का लडका वार्तालाप करता है दिनांक 20 अप्रेल 2014 को आरोपी घर पर अकेला था रात में सभी लोग खाना खाकर सौ गये सुवह उठकर देखा तो अभियोक्त्री नही मिली ।

जव सुबह दस बजे तक नही आई तो उन्होने आरोपी अर्जुन को देखा तो उसके घर में भी ताला लगा मिला तो उन्हे शक हुआ कि आरोपी शादी का झासा देकर भगा ले गया फरियादी की रिपोर्ट पर थाना पिछोर में अपराध क्रं 166/14 पर धारा 363,366 भादवि के तहत रिपोर्ट दर्ज कर बाद अनुसंधान धारा 376 एवं 4 लैंगिक अपराधों से बालक का संरक्षण अधिनियम 2012 का इजाफा करते हुए अभियोग पत्र आरोपी के विरूद्ध अभियोग  न्यायालय में पेश किया ।

जहॉ गवाही गवाहान के बाद प्रकरण की समग्र परिस्थितियो को ध्यान में रखते हुए धारा 363 के आरोप में तीन वर्ष व सौ रू अर्थदण्ड,व धारा 366 में पॉच वर्ष के कठोर कारावास व 200 रू अर्थदण्ड एवं धारा 376 के आरोप में सात वर्ष के कठोर कारावास एवं 300 रू अर्थदण्ड व अर्थ दण्ड अदा न करने पर अतिरिक्त तीन माह के कारावास की सजा सुनाई। 

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