अनाथ बच्चों के लिए बोर्डिंग स्कूल

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शिवपुरी। सरकार अनाथ और कचरा बीनकर अपना पेट भरने वाले और बालमजदूरों की पढाई लिखाई के लिए 100 बच्चो का एक छात्रावास खुल रहा है, बताया गया है कि ये बच्चे माधवचौक स्कूल में पढाई करेंगे और वही रहेंगे। शासन ही इन बच्चों को पढाई के साथ-साथ खाना,रहना और अन्य जरूरी सुविधाओ की व्यवस्था करेंगा।


जानकारी के अनुसार नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत 6 से 14 वर्ष के सभी बच्चों को गुणवत्ता युक्त अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने के लिए शासन ने यह कदम उठाया है,इसी योजना के अंतर्गत अनाथ, कचरा बीनने वाले, बाल मजदूर, शाला त्यागी बच्चों को अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने के लिए विशेष प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित करने को सैद्घांतिक मंजूरी दे दी है। ऐसे बच्चों को छात्रावास में रख कर उन्हें विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि उनकी आयु के अनुरूप कक्षा में दाखिला दिलाया जा सके।

डीपीसी शिरोमणि दुबे का कहना है कि ऐसे बच्चों को उनकी कक्षा के अनुरूप दक्ष बनाने के लिए छात्रावास में उनके लिए रैमेडीयल टीचर्स की व्यवस्था की जाएगी ये शिक्षक उन्हें उनकी उम्र और कक्षा के अनुसार दक्ष करेंगे, ताकि वह कक्षा में जाकर पढ़ाई कर सके।

छात्रावास में बच्चों को ड्रेस से लेकर खाने पीने और पुस्तकें हर चीज नि:शुल्क मिलेगी बच्चों सुरक्षा और अन्य सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा शिवपुरी में छात्रावास के लिए माधव चौक स्कूल का चयन किया गया है भविष्य में बिल्डिंग की स्वीकृति मिलने पर छात्रावास बनाया जाएगा।

डीपीसी के अनुसार शिवपुरी में इस 100 सीटर छात्रावास के लिए जिले भर से अनाथ, बाल मजदूर और कचरा बीनने वाले ऐसे 100 बच्चों का चयन कर लिया गया है, जो किसी न किसी कारण से स्कूल नहीं जा सके इन बच्चों की सूची भी आरएसके को भेज दी गई है अभी सर्वे का कार्य जारी रहेगा और बच्चों को चयन किया जाएगा।

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