शिवपुरी। शासन द्वारा प्रसूता महिलाओं को सुरक्षित प्रसव कराने के लिए जननी सुरक्षा योजना, जननी एक्सप्रेस, सहित अन्य योजनायें क्रियान्वित की है। लेकिन जिला चिकित्सालय में आने के बाबजूद भी प्रसूता महिलाओं की मौत हो जाती है।
जिससे यह तथ्य स्पष्ट होता है कि जिला चिकित्सालय में पदस्थ चिकित्सक एवं कर्मचारियों द्वारा प्रसूता महिलाओं की समुचित तरीके से देखभाल नहीं की जाती है। ऐसा ही एक मामला पोहरी क्षेत्र के अंतर्गत आने बाले ग्राम भदरौनी की एक महिला की जिला चिकित्सालय में आज संदिग्ध परिस्थिति में प्रसव के उपरांत मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रसूता रानी पत्नि जुझार सिंह जाटव उम्र 24 साल निवासी भदरौनी को 19 जनवरी 2015 को प्रसव के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। उक्त महिला द्वारा लाड़ली लक्ष्मी को जन्म देने के उपरांत उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
जिससे जिला चिकित्सालय में पदस्थ चिकित्सकों की लापरवाही का खुलासा होता है। जब इस बारे में चिकित्सकों से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया है कि महिला की हृदय गति रूक जाने के कारण उसकी मौत हुई है।
लेकिन सवाल यह उठता है कि जब रानी जाटव की जांच की गई तो मौत से पूर्व सभी जांच रिपोर्ट सामान्य बताई गई। तब यह कैसे संभव है कि प्रसूता की मौत कैसे हो सकती है।


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