पुलिस चौकी में दरोगा और सरपंच ने किया दलित महिला से सामूहिक बलात्कार

shailendra gupta
शिवपुरी। एक ओर पुलिस अधीक्षक ग्वालियर के डीएसपी से संबंध को लेकर जहां मामला गर्माया हुआ था कि अब जिले के करैरा क्षेत्रांतर्गत आने वाली अमोलपठा चौकी के थाना प्रभारी पर एक दलित महिला ने दुष्कर्म का आरोप लगाया है। महिला ने पुलिस दरोगा के साथ-साथ एक सरपंच पर भी मिलकर दुष्कर्म की बात पुलिस अधीक्षक से एक आवेदन सौंपकर कही है और न्याय की गुहार लगाई है।

यह है मामला
करैरा अनुविभाग के ग्राम नयागांव में रहने वाली एक दलित महिला ने अमोलपठा चौकी प्रभारी व नयागांव सरपंच के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक शिवपुरी से शिकायत की है। घटना चौकी परिसर स्थित प्रभारी के निवास की बताई जा रही है। शिकायती आवेदन में महिला ने बताया कि उसके पति व देवर के लेनदेन के विवाद में राजीनामा कराने की ऐवज में सरपंच व चौकी प्रभारी ने मंगलवार दोपहर को इस घटना को अंजाम दिया।

वहीं इस मामले में एक रोचक पहलु और आ गया है जिसमें पीडि़ता के चाचा ने भी एसपी को एक शिकायती आवेदन देते हुए बताया है कि महिला के पति ने एक पूराने विवाद के चलते सरपंच के भतीजे से सांठगांठ कर अपनी पत्नी से सामूहिक दुष्कर्म की झूठी रिपोर्ट कर रही है। फिलहाल पुलिस ने दोनो की आवेदनों पर कोई कार्रवाई नहीं की है वहीं एसपी डॉ महेन्द्र सिंह सिकरवार ने दोनो ही शिकायती आवेदनों के लिए एक पुलिस कमेटी बनाकर मामले की जांच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए है।

पारिवारिक विवाद बना कारण
शिकायती आवेदन में पीडि़ता ने बताया कि उसके पति को उसके देवर से 10 हजार रूपए लेने थे जो कि उसका देवर नहीं दे रहा था। इस मामले की शिकायत महिला के पति ने अमोलपठा पुलिस चौकी में की थी। पुलिस ने इस मामले में जांच कर देवर से महिला के पति को उसके पैसे दिला दिए वहीं मंगलवार को दोनो पक्षों को राजीनामा करने के लिए चौकी पर बुलाया जहां नयागांव के सरपंच तिलक सिंह राजीनामे के बहाने महिला को लेकर चौकी पहुंचा जहां से सरपंच तिलक सिंह महिला को चौकी परिसर में बने चौकी प्रभारी देवेन्द्र सिंह कुशवाह के निवास पर ले गया। जहां सरपंच ने महिला के साथ ज्यादती की और बाद में चौकी प्रभारी कुशवाह ने भी महिला के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद सरपंच व चौकी प्रभारी दोनो ने महिला को धमकाते हुए इस घटना के बारे में किसी को नहीं बताने की बात कहीं और बताने पर महिला के पति को जान से मारने की धमकी दे डाली। इसके साथ ही पुलिस ने पीडि़त पति व पत्नी और देवर से मिलाकर 10 हजार रूपए भी ले लिए।

शिकायत करने निकले तो कर दिया घर में कैद
महिला का कहना है कि उसने दोनो आरोपियों से बचने के लिए काफी मिन्नते व संघर्ष किया लेकिन दोनो में से किसी ने भी उसकी एक नहीं सुनी। घटना के बाद पीडि़ता ने अपने परिजनों को आरोपियों की करतूत के बारे में बताया। जब प्रताडि़त महिला और उसका पति घटना की शिकायत करने के लिए गांव से निकले तो सरपंच और दरोगा ने उन्हें उन्हीं के घर में कैद कर लिया। बमुश्किल आरोपियों के चंगुल से छूटकर बीती रात्रि वह गांव से भाग निकले और पनिहार होते हुए आज गुरूवार सुबह एसपी कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होने घटना की शिकायत एसपी डॉ महेन्द्र सिंह सिकरवार से की।

इनका कहना है
मामले की शिकायत की जानकारी हमारे पास है इस तरह पुलिस पर आरोप लगाए गए है उनकी जांच की जाएगी, आगे की कार्यवाही जांच के बाद होगी। हमें शिकायती आवेदन दिया है जिसमें चाचा ने आरोप लगाए है कि पीडि़ता के पति ने जबरन दबाब बनाकर पुरानी रंजिश के चलते यह झूठी शिकायत करवाई है। दोनो शिकायती आवेदनों की जांच के लिए एक जांच कमेटी बना दी गई है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ स त कार्रवाई की जाएगी।
डॉ महेन्द्र सिंह सिकरवार
पुलिस अधीक्षक, शिवपुरी।

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