शिवपुरी। अपर सत्र न्यायाधीश करैरा एसएस परमार ने आज दिए एक महत्वपूर्ण फैसले में मानसिक रूप से नि:शक्त युवती को डरा धमका कर उसके साथ एक वर्ष तक बालात्कार करने वाले अधेड़ व्यक्ति का दस वर्ष के सश्रम कारावास एंव अर्थदंड से दंडित किया है।
अर्थदंड ना देने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक धनीराम यादव ने की।
अभियोजन की ओर से 6 जनवरी 2014 का मगरौनी चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी मां व भाई का देहांत हो चुका है, उसके पिता रात्रि डयूटी करने नरवर जाते थे, फरियादी घर में अकेली सोती थी, इसी दौरान उसके पडौस में रहने वाला 55 वर्षीय अधेड व्यक्ति नथुआ पुत्र बुद्वूराम झा ने पीडि़ता के मंदबुद्वि होने का फायदा उठाते हुए उसके साथ एक साल तक बालात्कार किया। पीडि़ता जब मां बन गई तो पूरे मामले का खुलासा हुआ।
जिसके बाद मामले की शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 376-ए-, 506बी आईपीसी के तहत प्रकरण कायम कर विवेचना उपरांत विचारण हैतु न्यायालय में पेश किया। नयायाधीश ने पक्ष प्रतिपक्ष को सुनने के बाद मामले में आए समस्त तथ्यों एवं साक्ष्यों पर विचारण उपरांत आरोपी को दस वर्ष के सश्रम कारावास एवं चार हजार रूपए के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड ना देने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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