शिवपुरी। शिवपुरी में बालाजी धाम के पास स्थित 18वीं बटालियन के आरक्षक पवन यादव की आत्महत्या के मामले में प्लाटून कमाण्डर छत्रपाल सिंह के विरूद्ध भादवि की धारा 306 के तहत आत्महत्या दुष्पे्ररण का मामला दर्ज किया गया है। आरक्षक पवन ने दो दिन पहले अपनी बैरक में पंखे से झूलकर आत्महत्या कर ली थी और सुसाईड नोट में उसने अपनी आत्महत्या के लिए प्लाटून कमाण्डर छत्रपाल सिंह को जिम्मेदार ठहराया था।
मौत की सूचना पाकर उसका शव लेने शिवपुरी आए मृतक पवन के पिता संतोष यादव ने बताया कि प्लाटून कमाण्डर उनके पुत्र को लंबे समय से प्रताडि़त कर रहा था। इसी प्रताडऩा के फलस्वरूप वह गत वर्ष रहस्यमय ढंग से 8 दिन के लिए गायब हो गया था। यह जानकारी भी मिली है कि प्लाटून कमाण्डर आरक्षक पवन को छुट्टी देने में आनाकानी करता था। यहां तक कि उसे रक्षाबंधन की छुट्टी भी नहीं दी गई थी। इसी कारण दोनो के बीच कहासुनी भी हो गई थी और प्लाटून कमाण्डर ने पवन को सीहोर की डी कंपनी से शिवपुरी की 18 बटालियन में भेज दिया था। जहां उसने आत्महत्या कर अपनी जान दे दी।
पवन ने अपने सुसाईड नोट में स्पष्ट रूप से आत्महत्या के लिए अपने अधिकारी छत्रपाल को जिम्मेदार ठहराया है और 18वीं बटालियन में ही पदस्थ अपने भाई से याचना की है कि वह दोषी कमाण्डर को सजा अवश्य दिलाए। यदि वह ऐसा नहीं कर पाता तो समझना कि आपके केवल चार भाई ही थे।
पवन ने अपने सुसाईड नोट में स्पष्ट रूप से आत्महत्या के लिए अपने अधिकारी छत्रपाल को जिम्मेदार ठहराया है और 18वीं बटालियन में ही पदस्थ अपने भाई से याचना की है कि वह दोषी कमाण्डर को सजा अवश्य दिलाए। यदि वह ऐसा नहीं कर पाता तो समझना कि आपके केवल चार भाई ही थे।
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