उमा भारती के मिस्टर बंटाढार और अपने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का बनाया एक और नियम आज शिवराज सिंह ने तोड़ दिया। दिग्विजय सिंह ने मध्यप्रदेश की आबादी रोकने और कलेक्टरों के नसबंदी टारगेट पूरे करवाने के लिए नियम बनाया था कि दो से अधिक संतान वालों को अनुकंपा नियुक्ति नहीं मिलेगी, लेकिन अब यह नियम शिथिल कर दिया गया है।
राज्य शासन द्वारा शासकीय सेवकों की सेवा काल में मृत्यु होने पर अनुकम्पा नियुक्ति प्राप्त करने में दो से अधिक संतान जीवित होने पर नियुक्ति के लिये अपात्रता के बँधन को शिथिल कर दिया गया है।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस संबंध में जारी परिपत्र में मध्यप्रदेश सिविल सेवा (सेवा की सामान्य शर्तें) नियम 1961 के नियम 6 के उप-नियम (6) जिसमें प्रावधान है कि कोई भी उम्मीदवार जिसकी दो से अधिक संतान जीवित होने पर एक का जन्म यदि 26 जनवरी, 2001 को या उसके पश्चात हुआ हो, किसी भी शासकीय सेवा या पद पर नियुक्ति के अपात्र माना जायेगा, से अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों में छूट रहेगी।
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