शिवपुरी- भारतीय और स्वदेशी चिंतन के राजीव दीक्षित प्रखर सूर्य थे उपरोक्त विचार भारत स्वभिमान एवं पंतजलि योग समिति शिवपुरी के सरंक्षक भगवत राय सूद ने उन्हे अपनी विनम्र श्रृधांजलि देते हुये व्यक्त किये। वे स्व. राजीव दीक्षित जी की जन्म तिथि व प्रथम पुण्य तिथि के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि विश्व में ऐसे बहुत कम लोग है, जिनकी पुण्य तिथि व जन्म तिथि एक ही दिन पड़ती है आपने राजीव जी का जीवपन परिचय भी प्रस्तुत किया।
गायत्री शक्ति पीठ शिवपुरी के संचालक प्रमुख तोमर ने कहा कि संगठन में शक्ति होती है सौ कौरवों की तुलना में अच्छा है। पांच अच्दे लेाग जुड़कर पाण्डवों की भूमिका का निर्वहन करें। भारत स्वाभिमान समिति के जिलाध्यक्ष श्याम कुमार पाठक ने अंत्यत भावुक होकर राजीव दीक्षित से अंंतरंग सम्पर्को का स्मरण करते हुये कई प्रेरक प्रसंग सुनाये। श्रृधांजलि समारोह भारत स्वाभिमान के जिला कायर्यलय प्रांगण में सम्पन्न हुआ जिसमें अरूण अपेक्षित हरिवंश त्रिवेदी, हरिबल्लभ शर्मा, कैलाश नारायण शर्मा, रमा शंकर तिवारी, भारत गौतम, दीपेन्द्र शुक्ल, मजबूत सिंह, केडी पाठक, महेश रजक, दुर्गा प्रसाद ग्वाल, भूपेन्द्र सिंह , रवि शंकर शर्मा, श्रीमति मैना चौबे, विमलेश आदिवासी, दिनेश पाल, भूपेन्द्र विकल, विमल जैन, प्रदीप कुमार शर्मा आदि ने भी आने विचार प्रकट किये व राजीव दीक्षित जी के चित्र पर पुष्प आर्पित किये। श्रृधांजलि कार्यक्रम के पूर्व सामूहिक यज्ञ में वेद मंत्रो के सााि विश्व शंाति के लिये आहुतियां अर्पित की गई तथा भारत स्वाभिमान के गीतो का भी गायन किया गया अंत में सभी उपस्थित सदस्यों ने स्वदेशी को अपनाने और राजीव दीक्षित के सपने को साकार करने का संकल्प लिया।
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