शिवपुरी। शिवपरी जिल के रन्नौद के बहुचर्चित टुनटुन उर्फ दिनेश हत्याकांड में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने 26 साल पुराने मामले में दोषियों को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने हत्या के मामले में दोषसिद्धि और आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखते हुए अपीलें खारिज कर दीं। जमानत पर बाहर चल रहे दोषियों को शेष सजा भुगतने के लिए तत्काल संबंधित ट्रायल कोर्ट में आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिए हैं।
इस मामले में भाजपा से जुड़े लोगों के नाम सामने आने के कारण राजनीतिक चर्चा भी तेज हो सकती है। इनमें अवध बोहरे , भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष एवं वर्तमान में नगर परिषद रन्नौद से जुड़े नेता का नाम शामिल है।
अदालत में क्या हुआ था?
अभियोजन के अनुसार, 18 मई 2000 को सुबह करीब 10:15 बजे टुनटुन उर्फ दिनेश रन्नौद बस स्टैंड पर राजेंद्र आचार्य की पान की दुकान से सामान खरीद रहा था। इसी दौरान हथियारों से लैस हमलावरों ने उस पर हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई थी।
मामले में सामने आए दोषियों और आरोपियों के नाम:
हाईकोर्ट के उपलब्ध फैसलों और विवरण के अनुसार, दोषसिद्धि वाले मामलों में ये नाम सामने आए हैं:
1.देवेंद्र
2.अवध बोहरे
3.गिल्टू उर्फ अजय
4.ऋषि उपाध्याय
इसके अलावा पूरक आरोपपत्र में नरहरि प्रसाद शर्मा, द्वारका प्रसाद, राधा रमन, भरत और संत कुमार के नाम भी थे। नरहरि प्रसाद शर्मा की अपील लंबित रहने के दौरान मृत्यु हो गई थी। भरत की भी अपील लंबित रहने के दौरान मृत्यु हुई थी। शुरुआती मुकदमे में लखन बोहरे, विजय बोहरे, मुकेश सोनी, काली उर्फ कालीचरण के नाम भी आरोपी के रूप में आए थे। इनमें कुछ बरी हुए और लखन की मुकदमे के दौरान मृत्यु हो गई।

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