शिवपुरी। मानव ने तरक्की इसलिए कर पाया कि उसके पास दिमाग था,मानव के पास सोचने समझने की शक्ति है इस कारण वह चांद तक पहुंच गया है,अपने दिमाग की असिमित ताकत से उसने हैरान करने वाले कारनामे कर दिए,जानवर इसलिए जानवर रह गया कि उसके पास दिमाग नही है,लेकिन यह खबर हमे यह लिखने को मजबूर कर रही है कि एक जानवर ने विपरित परिस्थितयो मे र्धर्य रखा और एक चतुर इंसान को उलझा दिया और उसकी चोरी पकडवा दी।
यहां समझदार इंसान यहां यह तर्क दे सकते है कि जानवर ने जिस गुण का उपयोग किया वह गुण उसकी प्रकृति की देन है लेकिन हमारा मानना है कि एक भैंस ने चोर को उलझा दिया और भैंस ने र्धर्य रखा और समय आने पर चोर की चाल पर अपनी चाल चल दी जिसके कारण चोर अपनी समझदारी मे उलझ गया और उसकी चोरी पकड मे आ गई।
मामला कोलारस अनुविभाग के रन्नौद थाना सीमा मे एक से निकलकर सामने आ रहा है। मादा गणेशखेडा में 2 चोर एक भैंस और उसके बच्चे पडिया को चुराकर ले जा रहे थे। भैस अपने बच्चे के साथ पूरी इमानदारी चोर के साथ 15 किलोमीटर तक शांति धारण करती चलती रही,लेकिन जेसे ही भैंस अपने मूल मालिक के गांव के पास पहुंची,वैसे ही भैंस ने अपने मूल मालिक और अपने घर की ओर तेजी से भागना शुरू कर दिया,भैसं के पीछे पीछे पडिया ने भी भागना शुरू कर दिया,चोर भैंस की इस चाल को समझ नही पाया और उसके पीछे पीछे वह भी भागने लगे। भैंस अपने मूल मालिक और अपने खूटे के पास जाकर खडी हो गई,इसके बाद भैंस के पीछे चोरो ने भैंस को फिर अपने साथ ले जाने का प्रयास किया,लेकिन ग्रामीणो ने जब तक इस चोर को को पकड लिया। चोर की चाल पर सयानी भैसं की चाल भारी पड गई। अब पूरे इलाके में इसी 'समझदार भैंस' की चचां ही रही है।
यह है इस खबर की चर्चित कहानी,और एक चोर को मात देने वाली खबर
झंडी गांव निवासी 28 वर्षीय अरविंद पुत्र मुरारी लोधी ने अपनी भैस को करीब तीन महीने पहले अपनी ससुराल माढा गणेशखेड़ा में ससुर राजाराम लोधी के यहां चराने के लिए छोड़ रखा था। 5 नवंबर को भैस माढा गणेशखेड़ा के पठार पर अपनी पड़िया के साथ बंधी हुई थी। इसी दौरान बाइक पर सवार दो चोर पहुंचे और भैस-पड़िया को हांककर चोरी कर ले गए।
चोर भैस को हांकते हुए झंडी की तरफ आ रहे थे। भैस चुपचाप चलती रही, जैसे उसे कुछ पता ही न हो, लेकिन जैसे ही झंडी गांव आया, भैस ने अचानक दौड़ लगा दी। वह सीधे अपने मालिक अरविद लोधी के घर के खुटे पर जाकर खड़ी हो गई। पीछे से चोर भी वहां पहुंच गया और बोला, यह भैस मेरी है. यहां गलती से आ गई है। भैस मालिक को हुआ शक, ससुराल फोन लगाया तो राज खुल गया।
तीन महीने पहले ससुराल छोड़ी थी भैंस
ससुराल वालों ने बताया कि, भैस और पड़िया दोपहर से ही गायब है. हम उसे ढूंढ रहे हैं। बस, फिर क्या था। गांव वालों ने संदेह के आधार पर एक चोर को पकड़ लिया और पूछताछ शुरू की। गांव वालों को पूछताछ करते देख दूसरा चोर बाइक छोड़कर वहां से भाग गया। पकड़े गए चोर ने पूछताछ में चोरी व वारदात स्वीकार कर ली। इसके बाद भैस मालिक ने चोर को इन्दार पुलिस के हवाले कर मामले की शिकायत दर्ज कराई है। अब गांव में एक ही चर्चा है, भैस ने चोर पकड़वा दिया।

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