शिवपुरी। आपने जनसुनवाई के दृश्य देखे होगें,एक बडा अधिकारी होता है और उसके साथ मे उसके अधिनस्थ कर्मचारी होते है और कई सो पीडित या आवेदन कर्ता होते है लेकिन जिले में अब जनसुनवाई का ट्रेंड बदल चुका हैं,अब एक फरियादी होता है और प्रशासन के कई अधिकारी और कर्मचारी होते है,आम जनसुनवाई में आवेदनकर्ता को 1 मिनिट का समय दिया जाता है,लेकिन न्यू ट्रेंड वाली जनसुनवाई मे पीडित अपने हिसाब से समय तय करता है,नही आया समझ मे तो हम समझाते है।
आजकल प्रशासन की अनसुनवाई के कारण आम लोगो मे गुस्सा कई आवेदन देने के बाद भी जब उसकी सुनवाई नही होती तो आम आदमी अपनी बात उपर तक पहुंचाने के लिए उचांई का साहरा लेता है या तो वह पानी की टंटी पर चढ जाता हे नही तो किसी मोबाइल टावर पर चढ जाता है। मोबाइल टावर पर चढने का मामला बीते रोज भौंती थाना सीमा मे हुआ हैं।
सोमवार की शाम दुल्हई गांव में उस समय बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए, जब 34 वर्षीय गुलशन राजपूत जनसमस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। करीब दो घंटे तक युवक टॉवर पर ही बैठा रहा और नीचे पुलिस-प्रशासन की टीम उसे समझाकर सुरक्षित उतारने के प्रयास में जुटी रही।
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में तमाशबीनों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण भी जमा हो गए। कुछ ग्रामीणों ने युवक द्वारा उठाई गई समस्याओं का समर्थन भी किया। स्थिति को देखते हुए पुलिस मौके पर पहुंची और युवक से लगातार बातचीत कर उसे नीचे आने के लिए समझाती रही। देर शाम पिछोर तहसीलदार शिवशंकर गुर्जर भी घटनास्थल पर पहुंचे।
शाम 5.30 बजे टॉवर पर चढ़ा गुलशन
जानकारी के अनुसार दुल्हई निवासी गुलशन राजपूत सोमवार शाम करीब 5.30 बजे गांव में लगे मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। टॉवर पर पहुंचने के बाद उसने गांव की समस्याओं को लेकर नाराजगी जताई। युवक का कहना था कि ग्रामीण लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण उनकी परेशानियां जस की तस बनी हुई हैं।गुलशन ने प्रशासन के सामने मुख्य रूप से तीन समस्याएं रखीं, जिनमें पटवारी के नियमित रूप से गांव नहीं आने, गोचर भूमि पर अतिक्रमण और गांव के पहुंच मार्ग के संकरा होने का मुद्दा शामिल है।
पटवारी के नहीं आने से ग्रामीण परेशान
युवक का आरोप है कि दुल्हई गांव में पटवारी नियमित रूप से नहीं आते। इसके चलते ग्रामीणों को अपने राजस्व संबंधी कामों के लिए परेशान होना पड़ता है। खसरा-खतौनी, नामांतरण सहित अन्य राजस्व कार्यों के लिए ग्रामीणों को बार-बार अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। गुलशन का कहना है कि ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें कीं, लेकिन स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया। उसका आरोप है कि सबसे अधिक परेशानी गरीब किसानों और ऐसे ग्रामीणों को होती है, जिन्हें छोटे-छोटे राजस्व कार्यों के लिए भी दूर जाना पड़ता है।
गोचर भूमि पर कब्जे का भी आरोप
युवक ने गांव की गोचर भूमि को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उसका आरोप है कि गांव की गोचर भूमि के बड़े हिस्से पर दबंगों द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है। इससे गांव में पशुओं के लिए चराई की जमीन लगातार कम होती जा रही है। ग्रामीणों के सामने यह समस्या इसलिए भी गंभीर बताई जा रही है क्योंकि गांवों में पशुपालन करने वाले परिवारों के लिए गोचर भूमि महत्वपूर्ण होती है। गुलशन ने प्रशासन से मांग की कि गोचर भूमि की जांच कराई जाए और यदि अतिक्रमण पाया जाता है तो उसे हटाकर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।
मुख्य सड़क से गांव तक का रास्ता भी बना परेशानी
गुलशन ने दुल्हई गांव के पहुंच मार्ग की समस्या भी उठाई। उसके मुताबिक मुख्य सड़क से गांव तक जाने वाला रास्ता काफी संकरा हो गया है। सड़क के किनारे कुछ लोगों द्वारा अपनी जमीन पर बाड़ और अन्य अवरोध लगाए जाने के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार दोपहिया वाहनों के साथ-साथ चारपहिया वाहनों को भी कई स्थानों पर निकलने में परेशानी होती है। बारिश के दिनों में रास्ते की स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ता है।
नीचे पुलिस-प्रशासन, ऊपर बैठा युवक
युवक के टॉवर पर चढ़ने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने उससे बातचीत शुरू की और उसे नीचे उतरने के लिए समझाने का प्रयास किया। वहीं तहसीलदार शिवशंकर गुर्जर भी देर शाम मौके पर पहुंचे। तहसीलदार ने बताया कि युवक गांव की समस्याओं को लेकर टॉवर पर चढ़ा है। प्रशासन की टीम उसकी समस्याओं को समझने और उनका निराकरण कराने का प्रयास कर रही है, ताकि उसे सुरक्षित नीचे उतारा जा सके।
दो महीने में जिले में टॉवर पर चढ़ने की तीन घटनाएं
दुल्हई की घटना अकेली नहीं है। पिछले कुछ महीनों में शिवपुरी जिले में अपनी मांगों और समस्याओं को लेकर मोबाइल टॉवर पर चढ़ने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इससे यह सवाल भी खड़ा हो रहा है कि आखिर लोग अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाने के लिए ऐसे जोखिम भरे रास्ते क्यों चुन रहे हैं।
13 अगस्त 2026 को भौती थाना क्षेत्र के उमरीकलां गांव में सरकारी रास्ते पर कब्जे के विरोध और रास्ता खुलवाने की मांग को लेकर रामदास लोधी और रामनाथ लोधी मोबाइल टॉवर पर चढ़ गए थे। बाद में पुलिस और प्रशासन ने समझाइश देकर दोनों को नीचे उतारा था।
3 जुलाई 2026 को पोहरी के सिरसौद थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत खोरधार में कुलदीप परिहार गांव में कचरे का ढेर हटाने की मांग को लेकर मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया था। पुलिस की समझाइश के बाद उसे नीचे उतारा गया था।
29 अप्रैल 2026 को तेंदुआ के गणेशखेड़ा गांव में एक प्रेमी जोड़ा शादी की मांग को लेकर करीब 40 मीटर ऊंचे मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया था। परिवारों की असहमति के बीच दोनों ने शादी कराने की मांग की थी। करीब तीन घंटे बाद समझाइश के बाद दोनों नीचे उतरे थे।
%20(11).webp)
प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।