शिवपुरी। शिवपुरी जिले की ऐतिहासिक नगरी नरवर अब केवल अपने गौरवशाली किले के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी प्राकृतिक सुंदरता और आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के लिए भी जानी जाएगी। जिला मुख्यालय से 45 किमी दूर नरवर में 85 हेक्टेयर की विशाल पहाड़ी पर 2 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य 'सिटी फॉरेस्ट' (नगर वन) तैयार किया जा रहा है। जून 2025 में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की पहल पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे हरी झंडी दी थी, जिसका काम अब युद्धस्तर पर जारी है।कैनवास जैसी दीवारें और कला का जादू
इस सिटी फॉरेस्ट की सबसे खास बात इसकी 4 किलोमीटर लंबी कलरफुल बाउंड्री वॉल है। यह दीवार केवल सुरक्षा घेरा नहीं, बल्कि एक ओपन-एयर आर्ट गैलरी होगी। पत्थर के बोल्डरों से बनी इस दीवार के हर 15 मीटर के अंतराल पर नरवर किले, शिवपुरी की छतरियां, प्राचीन मंदिरों और महापुरुषों की आकृतियां उकेरी जाएंगी, जो दूर से ही पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करेंगी।
एडवेंचर और फिटनेस का संगम
वन विभाग यहाँ स्वास्थ्य और रोमांच का अनूठा पैकेज तैयार कर रहा है,पहाड़ी की ऊंचाई को छूने के लिए 1 से 1.50 किमी का पैदल ट्रैक बनाया जा रहा है। इसके साथ ही साइकिल प्रेमियों के लिए विशेष ट्रैक होगा। प्रकृति की गोद में शांति चाहने वालों के लिए योगा स्पाट और मनोरंजन के लिए स्वीमिंग पूल का निर्माण किया जाएगा। छोटे बच्चों के लिए एक विशेष एडवेंचर जोन बनाया जाएगा, जहाँ वे खेल-कूद के साथ प्रकृति से जुड़ सकेंगे।
विरासत का संरक्षण और सौंदर्यीकरण
डिप्टी रेंजर सुनील सेन के अनुसार, इस प्रोजेक्ट के तहत पहाड़ी पर मौजूद प्राचीन स्मारकों (मोनूमेंट्स) की मरम्मत की जाएगी। पहाड़ी के बीचों-बीच स्थित शिव मंदिर का कायाकल्प कर उसे और भी सुंदर बनाया जाएगा। साथ ही, नरवर नगर परिषद द्वारा पहाड़ी के नीचे स्थित छोटे तालाब में फाउंटेन (फव्वारे) लगाकर उसे पर्यटन का केंद्र बनाया जा रहा है।
पहाड़ के कटाव से मुक्ति और सुरक्षा
नरवर किले के नीचे बसे शहर को बरसात में मलबे से बचाने के लिए 2.50 करोड़ की लागत से 10 किमी की फेंसिंग का काम चल रहा है। अब तक लगभग 9.20 किमी का काम पूरा हो चुका है। पहाड़ी का कटाव रोकने के लिए 8 महत्वपूर्ण स्थानों पर जालियां लगाई जा रही हैं, जिससे शहर की नालियां और सड़कें सुरक्षित रहेंगी।
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