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रिश्तों की दुहाई: परिवारवाद पर वोट मांगने वालों से पत्रकार राजकुमार शर्मा के ज्वलंत सवाल | SHIVPURI NEWS

शिवपुरी। जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद जनप्रतिनिधियों द्वारा मतदाताओं को लुभाने के लिए लगातार परिवार से जोड़ कर कहा जाता हैं आप तो हमारे परिवार के सदस्य हो लेकिन जब परिवार में कोई परेशानी आ जाती हैं तो आखिर कार यह जनप्रतिनिधि इन परिवारों से क्यों दूर हो जाते हैं। 

उदाहरण के लिए शिवपुरी में निवास करने वाले सभी नागरिक जनप्रतिनिधियों के परिवार के सदस्य हैं। लेकिन शिवपुरी शहर में इस समय कई परेशानियों से जूझ रहे हैं, तो इन परेशानियों से कौन निजात दिलाएगा। हम अपने परिवार के मुखिया से मांग करते हैं और अपनी परेशानियां से उनको अवगत कराते हैं।

सबसे पहले बात करते हैं शिवपुरी में लगातार बढ़ रही बेरोजगारी कि क्योंकि शहर में इस समय एक भी रोजगार का साधन  है ही नहीं। यह मुद्दा लगातार पिछले 15 वर्षों से अनबरत रूप से चला आ रहा हैं। 

इस मुद्दे पर किसी भी जनप्रतिनिधि ने कोई चर्चा करना तक नहीं समझा, कहने के लिए तो शहर के युवा वेरोजगार लोगों ने कई बार शहर के जनप्रतिनिधियों से चर्चा की तो कई जनप्रतिनिधियों ने तो लधु उद्योग लगाने की बात कहीं या फिर शिवपुरी शहर को पर्यटन नगरी घोषित कर शहर को पर्यटन के नक्शे पर लाने के लिए प्रयास किए लेकिन अब जाने क्या हो गया? 

शहर को आगे बढ़ाने की बात करने की जगह हमारा शहर शिवपुरी धीरे-धीरे कर रसातल की ओर और अग्रसर होता जा रहा है। लेकिन यह सुनते-सुनते पिछली तीन पीढिय़ां गुजर गई लेकिन शहर के नागरिक बेरोजगार के बेरोजगार ही बने रहे और माधव चौक चौराहे पर रोजगार की तलाश ही करते रहे। 

इतना ही नहीं कई परिवारों के बच्चे तो रोजगार की तलाश में शिवपुरी से पलायन कर गए और इंदौर, भोपाल, कोटा, अहमदावाद जैसे बड़े-बड़े शहरों में रोजगार के लिए निकल गए। यदि ऐसा ही चलता रहा तो एक दिन परिवार बिखर जाएगा, लेकिन मुखिया को परिवार को बिखरने से बचाना होगा और अपने दायित्व का निर्र्वहन करना होगा। 

अब हम दूसरा प्रश्न परिवार के मुखिया के समक्ष रखते हैं और बताते हैं कि हमारे परिवार के मुखिया द्वारा लगातार पिछले 15 सालों से पानी के लिए जो शहर में प्रमुख समस्या हैं। क्या हमारे परिवार के मुखिया अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं कर पा रहे है? 

क्योंकि पिछले 15 वर्षों से लगातार एक ही राग अलापा जा रहा हैं कि शिवपुरी शहर की जनता को जल्द ही पानी की समस्या से निजात मिल जाएगी क्या कारण हैं कि शहर में पानी नहीं आ पा रहा हैं? इसके लिए जिम्मेदार कौन हैं कोई तो बताए क्या यह परिवार के मुखिया का दायित्व नहीं है। 

इस भीषण गर्मी उनके परिवार का सदस्य साईकिल पर चार कट्टी टांग कर पानी भरते हैं तो उन्हें ठीक लगता हैं। इतना ही नहीं उनके परिवार के सदस्यों के पानी पिलाने के नाम पर करोड़ों रूपए शहर की प्रमुख संस्था में भ्रष्टाचार हो रहा हैं तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है कोई बताएगा? क्या कारण हैं परिवार के मुखिया के संरक्षण में लाए गए प्रशासनिक अधिकारी मुखिया के समक्ष तो ठीक रहते हैं? लेकिन जैसे ही उनकी पीठ फिरती तो उनके परिवार के सदस्यों को लूटने का कार्य प्रारंभ कर देते हैं। 

इस बात की जानकारी परिवार के सदस्यों द्वारा जब मुखिया को बताई जाती हैं तो उसे दरकिनार क्यों कर दिया जाता हैं? शहर में खुलेआम परिवार के सदस्यों को स्मैक, सट्टे की लत का आदि बनाया जा रहा हैं। इतना ही नहीं अभी तो वर्तमान में आईपीएल का रस और चखा दिया गया यह ठीक हैं। 

परिवार के मुखिया की जो जिम्मेदारी हैं कहीं पर भी कुछ गलत हो रहा हैं तो उसे सुधारा जाए लेकिन धीरे-धीरे शिवपुरी में सबकुछ गलत ही होता चला जा रहा हैं। अब ऐसी स्थिति में कौन सुधारेगा? शहर की पर्यटन नगरी  के नाम पर माधव नेशनल पार्क हैं। इसे डबलप करने के लिए पिछली कई बार बायदे किए गए थे लेकिन आज तक यह बीरान ही बना हुआ हैं।

इतना ही नहीं अब इस नेशनल पार्क के अंदर अवैध रेत के साथ-साथ पत्थर का उत्खनन का कारोबार और खुलेआम चलने लगा हैं क्या ऐसे ही पर्यटन के नक्शे पर शिवपुरी आएगी। शहर में सडक़ों के नाम पर सिर्फ-सिर्फ धूल या फिर गड्डे के अलावा शहर में कुछ नजर ही नहीं आता हैं ऐसे हमें उम्मीद हैं कि इस बार परिवार के मुखिया कुछ सुधार जरूर करेगें।
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