शिवपुरी। शासकीय विद्यालयों की हालत बद से बदतर बनी हुई है। जिसमें शिक्षा का कोई स्तर नहीं हैं इसलिए अभिभावक निजी विद्यालयों में अपने बच्चों को शिक्षा के लिए भेज रहे हैं। उक्त तथ्य को शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभूराम चौधरी ने स्वीकार्य करते हुए शिक्षा के स्तर को सुधारने की बात एक पत्रकार वार्ता में कहीं है।
उन्होंने कहा कि शासकीय विद्यालयों की हालत किसी से छिपी नहीं है साथ ही शिक्षकों के लापरवाही एवं उपेक्षा पूर्ण रवैये के चलते ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्रों का कोई स्तर नहीं बन पा रहा है। जिसे सुधारने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। उनसे जब यह पूछा गया कि नेताओं तथा अधिकारियों के बच्चे शासकीय विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण क्यों नहंी करते हैं।
इसके जवाब में उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसी अधिकारी अथवा नेता के ऊपर अपने बच्चों को शासकीय विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण करने के लिए दवाब नहीं डाल सकती। वहीं जिले में पदस्थ कई शिक्षकों द्वारा शिक्षण कार्य में रूचि न लेते हुए राजनीति में अपनी उपस्थिति लगातार बनाए हुए हैं। इस प्रश्न का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि हमारे देश में लोकतंत्र हैं राजनीति में आने से हम किसी को नहीं रोक सकते हैं यह उसका स्वयं विवेक हैं।
वहीं निजी विद्यालयों के संचालकों द्वारा मनमानी फीस के साथ-साथ निजी प्रकाशकों की पाठ्यक्रम की पुस्तकों का संचालन किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि किसी पालक द्वारा शिकायत की जाती हैं तो आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।


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