Ad Code

BJP-CONGRESS ने अभी तक रखा है इस सीट का होल्ड: इस बार उमा भारती रोक सकती हैं, सिंधिया के विजय रथ को

ललित मुदगल, शिवपुरी। शिवपुरी-गुना लोकसभा सीट कांग्रेस की अजेय सीट मानी जाती हैं,या यू कह लो की यह सीट अजेय इस लिए है कि क्यो कि यहां से कांग्रेस के अजेय माने जाने वाले ग्वालियर राजघराने के महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया चुनाव लडते हैं। लेकिन कांग्रेस अभी तक इस सीट को होल्ड कर रखा हैं,कारण लापता हैं,लेकिन भाजपा इस बार सीट पर अपना परचम फहराना चाहती है। राजनीतिक पंडितो को कहना है कि इस बार भाजपा सिंधिया का विजय रथ रोक सकती हैं।

मध्यप्रदेश की 29 सीटों में से दो सीटें छिंदवाड़ा और गुना ऐसी हैं जिसमें लंबे समय से भाजपा उम्मीदवार नहीं जीता है तथा इन दोनों सीटों पर कांग्रेस का मजबूत प्रभाव है। छिंदवाड़ा मुख्यमंत्री कमलनाथ का अभेद किला है वहीं गुना सीट पर पहले स्व. माधवराव सिंधिया जीतते आ रहे थे और अब चार बार से लगातार ज्योतिरादित्य सिंधिया चुनाव जीत रहे हैं। इसलिए आशा थी कि गुऩा सीट पर कांग्रेस अपनी पहली सूची में ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम का ऐलान करेगी। 

गुना शिवपुरी लोकसभा सीट पर सिंधिया परिवार का इतना जबरदस्त प्रभाव है कि यह माना जाता है कि यदि उनके परिवार का कोई सदस्य नहीं लड़ा और वह किसी भी ऐरे गैरे को टिकट दे दें तो वह जीत जाएगा। इसी कारण गुना सीट कांग्रेस की सबसे सुरक्षित सीट मानी जाती है। प्रतिकूल से प्रतिकूल परिस्थितियों में भी इस सीट पर सिंधिया परिवार का कब्जा रहा है। मोदी लहर में भी ज्योतिरादित्य सिंधिया 1 लाख 20 हजार मतों के भारी अंतर से इस सीट पर 2014 में विजयी रहे थे। 

सिंधिया के अपने क्षेत्र में चुनाव पूर्व अनेक दौरे हो चुके हैं और वह प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में घूम चुके हैं। उनकी पत्नि प्रियदर्शनी राजे सिंधिया भी लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं। तुलना में भाजपा ने अभी शुरूआत ही नहीं की है। यह भी तय नहीं है कि भाजपा की ओर से कौन चुनाव लड़ेगा। पार्टी ने किसी को भी हरी झंडी नहीं दी है इस कारण भाजपा कार्यकर्ताओं में चुनाव पूर्व हताशा और निराशा का वातावरण है। 

सांसद सिंधिया ने जिस तेजी से अपनी पत्नि प्रियदर्शनी राजे को इस क्षेत्र में सक्रिय किया है उससे यह अनुमान भी लग रहा है कि वह भी यहां से चुनाव लड़ सकती हैं और अपने पति की ही तरह वह भी एक मजबूत उम्मीदवार साबित होंगी। इस सीट पर कांग्रेस अपनी संभावनाओ के प्रति काफी आशापूर्ण है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि कांग्रेस ने अभी तक ज्योतिरादित्य सिंधिया की उम्मीदवारी घोषित क्यों नहीं की। 

गुना सीट की तरह अभी तक कांग्रेस ने ग्वालियर सीट भी होल्ड की है जहां से सिंधिया के लडऩे की चर्चाएं राजनैतिक हल्कों में चल रही हैं। इंदौर और विदिशा सीट भी कांग्रेस ने होल्ड करके रखी है। ग्वालियर, इंदौर और विदिशा भाजपा की मजबूत सीटें हैं और यहां लंबे समय से कांग्रेस को जीत हासिल नहीं हो सकी है। खास बात यह है कि कांग्रेस की तरह भाजपा ने भी गुना, ग्वालियर, इंदौर और विदिशा सीटें होल्ड कर रखी हैं। 

इससे यह भी आशंका हो रही है कि भाजपा का मकसद कहीं सिंधिया की घेराबंदी का तो नहीं है ताकि वह जहां से भी चुनाव लड़ेें उनके खिलाफ मजबूत उम्मीदवार मैदान में उतारा जाए। सूत्रों के अनुसार भाजपा इसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती को तैयार करने में जुटी हुई है। गुना लोकसभा सीट पर उमा भारती की लोधी जाति के मतदाताओं की संख्या 1 लाख से अधिक है। दोनों दलों द्वारा सीटें होल्ड किए जाने से असंमजस का वातावरण बना हुआ है। 

वही राजनीतिक पंडितो को यह भी कहना है कि उमाभारती एक ऐसी नेता है कि जो कई से भी चुनाव लड सकती हैं, उमाभारती आक्रमक नेता हैं। पिछले 15 वर्षो से मप्र की भाजपा पर शिवराज का कब्जा था, कब्जा उमाभारती ने दिया था शिवराज सिंह ने भाजपा ने मप्र से बहार करवा दिया, यह कसक उमा भारती के दिल में अवश्य होती होंगी। अगर वे शिवपुरी गुना से ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ लडती है तो भाजपा से ज्यादा उमाभारती को फायदा हो सकता हैं क्यो कि उनकी मप्र की राजनीति में वापसी हो सकती हैं।