भवन मरम्मत घोटाला: रेंजर ने हडपी 98 हजार की राशि, खर्च किए मात्र 2 हजार, CCF बोली होगी जांच | SHIVPURI NEWS

Updesh Awasthee
0
शिवपुरी। वन विभाग सतनबाड़ा में करीब 98 हजार रूपये की शासकीय राशि का व्यय होना वित्तीय अनियमितता के तहत सतनबाड़ा रेंजर उदयभान मांझी पर गंभीर आरोप लगाता हुआ नजर आ रहा है। यह शिकायतकर्ता हरिबल्लभ शर्मा नामक व्यक्ति ने की है जिसमें उन्होंने माह दिसम्बर 2015 में रेंज कैम्पस सतनबाड़ा में एस्टीमेट अनुसार एक नवीन लेट्रिंग बाथरूम के लिए 98 हजार रूपये स्वीकृति संचालक कार्यालय वन विभाग से प्राप्त होना बताया है 

जबकि शिकायतकर्ता का आरोप है कि मौके पर ना तो नया लेट्रिंग है और ना ही बाथरूम, केवल रेंज कार्यालय के पीछे बने बरामदे में खिडक़ी की चिनाई करवाकर पुराने प्लास्टर को उखड़वाकर, टाईल्स लेट्रिंंग शीट लगवाकर टिपटॉप कर प्लास्टर करवाकर नया रूप दिया गया है जिसमें पूर्व की फर्शी की छत डली हुई है उक्त कार्य लगभग अधिकतम 2 हजार रूपये खर्च किए गए है।

उक्त लेट्रिंग बाथरूम में एस्टीमेट मुताबिक कार्य नहीं कराया गया है मौके पर आर.सी.सी.छत नहीं डाली गई है जबकि लागू किए गए 98 हजार रूपये प्रमाणकों में 6 क्विंटल लोहा सरिया तथा 80 बेग सीमेंट, रेता गिट्टी व ईंटों पर खर्च दर्शाकर आरसीसी की छत डालना केवल प्रमाणकों में बताया गया है जिसमें रूपये 78 हजार रूपये के फर्जी प्रमाणक लागू कर स्वयं के खाते में शासकीय धन में भ्रष्टाचार (गबन) कर स्वयं को लाभ पहुंचाया जाकर शासन को हानि पहुंचाई गई है जिसकी जांच कराने पर पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।  

तत्संबंध में शिकायतकर्ता हरिबल्लभ शर्मा द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को 15 जून 2017 को ही शिकायत कर मामले की जांच की गई थी लेकिन आज दो वर्ष बीतने को है और मामला अधर में लटका हुआ है। शिकायतकर्ता ने इस संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं जिला शिवपुरी की मुख्य वन संरक्षक से तुरंत सतनबाड़ा रेंजर उदयभान मांझी को वहां से हटाने की मांग की क्योंकि इससे जांच प्रभावित हो सकती है साथ ही मामले में दोषी पाए जाने पर रेंजर को सेवा से पृथक कर जेल भेजने की कार्यवाही की जावे। 

इनका कहना है-
मुझे भी शिकायत की मिली है और इस मामले की जांच एसडीओ वन विभाग द्वारा की जा रही है अभी बलारी मेला में अधिकारी ड्यूटी पर है तीन दिन बाद वह इस मामले में शीघ्र जांच कर रिपोर्ट सौंपेंगें, उसके बाद आगामी कार्यवाही की जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित के विरूद्ध विभागीय जांच भी कराऐंगें। 
श्रीमती कमलिका मोहंता, मुख्य वन संरक्षक, वन विभाग, शिवपुरी

Post a Comment

0Comments

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!