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राशन कार्ड गिरवी रखने का मामला: आयोग अध्यक्ष ने कहा कि शर्म की बात, खाद्य अधिकारी को लगाई फटकार | Shivpuri News

शिवपुरी। बीते माह शिवपुरी की मिडिया ने राशन कार्ड गिरवी रखे होने का मामला प्रकाश में लिया था। इसी मामल को लेकर राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष आरके स्वाई का शिवपुरी दौरा हुआ। कलेक्ट्रेट में जनप्रतिनिधि और समाजसेवीयो के साथ बैठक में आर के स्वाई ने कहा कि यह बहुत शर्म की बात है। जनप्रतिनियो की शिकायत के बाद कार्रवाही न होने पर जिला खाद्य अधिकारी को जमकर लताड लगाई। 

कलेक्ट्रेट के समाकक्ष में आयोजित बैठक में जिले विधायक, जनपद अध्यक्ष, समाजसेवी और पार्षदो के साथ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष आरके स्वाई ने बैठक ली। कोलारस विधायक वीरेंद्र रघुवंशी ने खुले आम आरोप लगाते हुए आयोग अध्यक्ष और सदस्यों से कहा कि यहां 25 हजार में समूह और 50 हजार में खाद्यान्न की दुकानें बदल देते हैं। 

बदरवास विकासखंड की ग्राम बडोखरा के लोगों का विवाद खाद्यान्न न मिलने पर कंट्रोल संचालक से हुआ। विवाद इतना बड़ा कि जब शिकायत करने ग्रामीण एसडीएम कार्यालय पहुंचे तो वहां मिलकर दबंगों ने पिटाई कर दी।

पिछले तीन माह से इसी पंचायत के गांव खिरया में तीन माह से राशन नहीं बंटा। जिला खाद्य अधिकारी शर्मा को भी मोबाइल पर तीन बार कहा। पर इन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। आप चाहें तो मेरे मोबाइल की कॉल डिटेल देख लें। इस शिकायत को आयोग अध्यक्ष ने गंभीरता से लिया और खाद्य अधिकारी से जवाब मांगा। 

इस पर वह बोले कि मैं मामला दिखवाता हूं। आयोग अध्यक्ष ने तल्ख लहजे में कहा कि क्या दिखवाता हूं। जनप्रतिनिधि आपसे शिकायत कर रहे हैं और तीन माह बाद भी वहां राशन नहीं बंटा तो इसमें गलती किसकी है। 

शिवपुरी जनपद के अध्यक्ष पारम रावत ने कहा कि गांव में पिछले 1-2 सालों से पात्रता पर्ची जारी न होने से लोगों को खाद्यान्न नहीं मिल रहा। लोग शिकायत लेकर आते हैं तो हम कार्रवाई के लिए जिला खाद्य अधिकारी से कहते हैं पर यह सुनते नहीं। गांव वालों के सामने काम न होने पर हमें हंसी का पात्र बनना पड़ता है,क्या यह ठीक है।

नरवर के जनपद अध्यक्ष मुकेश खटीक ने शिकायत करते हुए कहा कि कंट्रोल संचालक लोगों के राशन कार्ड गिरवी रखे हुए है। आंगनबाड़ी खुलती नहीं है। इस कारण मध्यान्ह् भोजन तक नहीं बंटता।

इस पर आयोग अध्यक्ष स्वाई ने कहा कि कितनी शर्म की बात है कि 21 वीं सदी में भी हम कहां जी रहे हैं। कंट्रोल वाला राशनकार्ड गिरवी रख लेता है और हम कुछ कार्रवाई नहीं करते,जनप्रतिनिधि बार-बार शिकायत कर रहे हैं,खादय अधिकारी कार्रवाई नही करते,आप कार्रवाई किजिए नही तो आप पर मैं कार्रवाई करता हू। 

गरीबों को राशन देना मेहरबानी नहीं, ये उनका कानूनी अधिकार है 

गरीबों को खाद्यान्न देना किसी की मेहरबानी नहीं है, यह लोगों का कानूनी अधिकार है। इसलिए लोगों को मिलने वाली इन सुविधाओं की पड़ताल करना आयोग का काम है। हम इसलिए ही जिले में आए हैं। आरके स्वाई, अध्यक्ष, राज्य खाद्य आयोग