पोस्ट पर बाबल: भाजपा नेता हरिहर शर्मा ने कहा पूर्व मंत्री को आस्तीन का सांप | Shivpuri News

शिवपुरी। भाजपा को अलविदा कहने वाले पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक भैया साहब लोधी को वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व भाजपा जिला उपाध्यक्ष हरिहर शर्मा ने आस्तीन का सांप बताया है। श्री लोधी के पार्टी छोडऩे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए हरिहर शर्मा ने कहा कि सांप आस्तीन में रहे इससे अच्छा है कि सामने हो। श्री शर्मा ने अपनी पार्टी को भी नसीहत देते हुए कहा कि वह मूल वैचारिक साथी और स्वार्थ में डूबे बाहरी तत्वों में अंतर करना सीख जाए। 

भाजपा नेता हरिहर शर्मा ने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए भाजपा से असंतुष्ट पोहरी पिछोर भाजपा के दो नेताओं भैया साहब और पिछोर भाजपा मंडल अध्यक्ष विकास पाठक का जिक्र करते हुए एक ओर जहां श्री पाठक की सराहना की है वहीं कांग्रेस से भाजपा में आने वाले भैया साहब लोधी पर करारे प्रहार किए हैं। 

श्री शर्मा ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे भैया साहब लोधी ने त्यागपत्र दिया। इसमें अप्रत्याशित कुछ भी नहीं है। वह भाजपा टिकट पर दो बार पिछोर विधानसभा से चुनाव लडक़र पराजित हुए फिर एक बार निर्दलीय लडक़र भी देख लिया, किंतु दाल नहीं गली और हर बार उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा। हां इतना संतोष जरूर रहा कि उन्होंने भाजपा प्रत्याशी से ज्यादा वोट पाए। 

श्री शर्मा ने लिखा कि इसके बाद भी भाजपा को लगा भैया साहब ज्यादा उपयोगी हैं तो सहकारी बैंक का अध्यक्ष बनाकर साथ रखने की कोशिश की, लेकिन भाजपा नेतृत्व यह नहीं देख पाया कि भैया साहब हर लोकसभा चुनाव में सदैव सिंधिया के साथ रहे और आज जब ज्योतिरादित्य आर पार की लड़ाई के मूढ़ में है भैया साहब भाजपा को अलविदा कह गए। मेरी दृष्टि में यह अच्छा ही है सांप आस्तीन में रहे इससे अच्छा है कि सामने हो।

 पिछोर भाजपा के दूसरे नेता विकास पाठक का जिक्र करते हुए उन्होंने पोस्ट में लिखा कि जहां तक विकास पाठक का सवाल है, वह भाजपा नेतृत्व से असंतुष्ट हो सकते हैं, लेकिन भाजपा छोड़ नहीं सकते। छोड़ भी गए तो ज्यादा समय बाहर नहीं रह सकते। उनका वैचारिक मूल भाजपा है। काश भाजपा  नेतृत्व की आंखे अब खुल जाएं। वे क्षणिक स्वार्थ के स्थान पर मूल वैचारिक साथी और स्वार्थांध बाहरी तत्वों में अंतर करना सीख पाएं। 

बैंक अध्यक्ष बन नहीं पाए इसलिए हरिहर को टीस 
भैया साहब लोधी भाजपा नेता हरिहर शर्मा के उनके खिलाफ दिए गए बयान को उनकी व्यक्तिगत टीस निरूपित करते हैं। भैया साहब ने बताया कि सहकारी बैंक के अध्यक्ष पद पर जब मेरी नियुक्ति हुई तब हरिहर शर्मा भी दावेदार थे, लेकिन वह बन नहीं पाए। इसी खुन्नस के कारण वह मेरे खिलाफ व्यक्तिगत मानहानिजनक टिप्पणी कर रहे हैं। 

अपने अध्यक्ष बनने का जिक्र करते हुए श्री लोधी ने बताया कि मुझे पूर्व विधायक देवेंद्र जैन ने अध्यक्ष बनवाया। हरिहर शर्मा अध्यक्ष बनना चाहते थे, लेकिन देवेंद्र जैन ने पहले शब्बीर खान का नाम आगे बढ़ाया, परंतु जब पार्टी से उनके नाम की मंजूरी नहीं मिली तो उन्होंने मुझे समर्थन दे दिया। उनके समर्थन के कारण हरिहर अध्यक्ष नहीं बन पाए यहीं उनके मन में मेरे प्रति पीड़ा है। 
Share on Google Plus

Legal Notice

Legal Notice: This is a Copyright Act protected news / article. Copying it without permission will be processed under the Copyright Act..

0 comments:

-----------

analytics