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अपनी ही ​पत्नि को गुमराह कर ले लिया था एक पक्षीय तलाक, कोर्ट ने किया निरस्त | Shivpuri News

शिवपुरी। खबर माननीय कुटुम्ब न्यायालय शिवपुरी से आ रही है। जहां एक मामले में सुनवाई करते हुए माननीय न्यायालय ने एक तलाक को शुन्य घोषित करते हुए निरस्त कर दिया है। इस मामले में अब युवक फिर से तलाक की मांग कर रहा है। जिसे भी कोर्ट ने खारिज करते हुए निरस्त कर दिया। इस मामले की सुनवाई माननीय कुटुम्ब न्यायालय के मजिस्ट्रेेट पीके शर्मा ने की। इस मामले में पीडिता की ओर से पैरवी अधिवक्ता राधाबल्लभ शर्मा ने की। 

अभियोजन के अनुसार पीडिता रूबी कुशवाह पत्नि लक्ष्मीनारायाण कुशवाह उम्र 35 साल निवासी मुगांवली की शादी बर्ष 2008 में जवाहर कॉलोनी निवासी लक्ष्मीनारायण के साथ हुई थी। शादी से पहले पति बेरोजगार था। शादी के बाद उसकी नौकरी लग गई और वह संविदा शिक्षक वर्ग 2 हाईस्कूल सुनाज बदरवास में लग गई। नौकरी के बाद आरोपी अपनी पत्नि को दहेज के लिए प्रताणिक करने लगे। जिसपर पीडिता जब चार माह के गर्भ से थी को आरोपी ने इसे भगा दिया। 

उसके बाद पीडिता के यहां बेटा हुआ। पीडिता अपने बेटे के लालन पालन में जुट गई। इसी दौरान आरोपी शिक्षक ने तलाक के लिए माननीय न्यायालय में दावा पेश किया। जिसे माननीय न्यायालय ने निरस्त कर दिया। उसके पश्चात आरोपी शिक्षक ने महिला को अपने साथ रखने के लिए दाबा प्रस्तुत किया। और उसमें ड्रिक्री प्राप्त कर आधार बनाकर पुन: तलाक का दाबा प्रस्तुत किया। जिस पर पीडिता का बेटा छोटा होने के चलते माननीय न्यायालय मे उपस्थिति नहीं हो सकी। जिसपर आरोपी ने माननीय न्यायालय को गुमराह कर एकपक्षीय तलाक प्राप्त दूसरी शादी कर ली। 

पीडिता को जब ज्ञात हुआ कि आरोपी ने एक पक्षीय तलाक प्राप्त कर लिया है तो पीडिता ने उक्त मामले में तलाक को खारिज करने के लिए माननीय न्यायालय में दावा प्रस्तुत किया। जिसे माननीय न्यायालय ने सुनते हुए इस दावे के आधार पर आरोपी द्वारा पीडिता के विरूद्ध एक पक्षीय तलाक को खारिज कर दिया। इस मामले में पुन: आरोपी द्धारा तलाक के लिए पुन प्रकरण क्रमांक /221 ए /18 एचएमए पेश किया। जिसे भी माननीय न्यायालय ने खारिज कर दिया।