ShivpuriSamachar.COM

Bhopal Samachar

सिंध नदी में सजता है जुए का फड़, पुलिस को खबर फिर भी कार्रवाई नहीं | kolaras, Shivpuri News

कोलारस। कांग्रेस सरकार बनने के बाद प्रदेश के मुखिया भले की ताकत से जुए, सटटे जैसी कुरीतियो पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की बात कह चुके हो लेकिन पुलिस की ढीली पकड़ के चलते सटटे के रटटा आज भी सुचारू रूप से चल रहा है। आज भी क्षेत्र में ओपन क्लाॅज का खेल पूरी तरह ओपन होने के बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर है। विश्वसनीय सुत्रो से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम लुकवासा और कोलारस में सदर बाजार, जगतपुर, मानिपुरा में संचालित हो रहा है।

जिले में हुई बड़ी कार्यवाही के बाद भी यहां सटोरियो को कानून का कोई भय नही है। सुत्र बताते है कि लुकवासा में सटटे का खेल वर्षो पुराना है। ग्राम लुकवासा कोलारस, खतौरा, बदरवास का सेंटर कहा जाता है। यहां आज भी सटोरियो की भीड़ आसानी से देखी जा सकती है। बच्चों से लेकर बड़े भी इस खेल से दूर नही है। ओपन क्लाॅज के इस खेल ने क्षेत्र के कई घरो की खुशियो को क्लाॅज कर दिया है।

जुआड़ियो ने सिंध नदी को बनाया खेंच खेलने का अडडा
लुकवासा चैकी अंर्तगत पचावली स्थिती सिंध नदी में कुछ दिनो से खुलेआम जुआ खेंच नामक खेल खिलाया जा रहा है। जिसे खेलने के लिए कोलारस, लुकवासा, बदरवास रन्नौद, खतौरा के लोग पहुंच रहे है। इसके लिए सिंध नदी में लोगो की टोलियां देखी जा सकती है। यह खेल हजारो से शुरू होकर लाखो तक पहुंच जाता है। 

इस खेल के बारे में सोशल मीडियो पर भी जागरूक नागरिको द्वारा कई बार आवाज उठाई गई है। सूत्र बताते है की पुलिस के संज्ञान में होने के बाद भी स्थानीय पुलिस कार्यवाही करने से बच रही है। व्यक्तिगत तौर पर कई लोगो ने जिम्मेदारो को मामले से आवगत कराया है लेकिन कार्यवाही नही हो सकी है। ऐसे में पुलि की मंशा पर सवाल या निशान लगना लाजमी है।  

शिव सेना लगातार उठा रही लुकवासा में हो रहे सटटे के खिलाफ आवाज -
बताना होगा की शिवसेना कोलारस अध्यक्ष विनोद तिवारी लगातार कई महिनो से सटके कारोबार को लेकर सोशल मीडिया के सहारे आवाज बुलंद कर रहे है। आवाज बुलंद कर रहे है। विनोद तिवारी का कहना है की सटोरियो के जाल में फसकर उनके कई लोग वरबाादी की कगार पर पहुंच गए है। लगातार आवाज उठाने के बाद भी कोई कार्यवही करने को तैयार नही है। ऐसे में जिले में हुई कार्यवाही के बाद एसपी महोदय से कार्यवाही की आस वंधी है। 
Share on Google Plus

Legal Notice

Legal Notice: This is a Copyright Act protected news / article. Copying it without permission will be processed under the Copyright Act..

0 comments:

-----------

analytics