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शिविरों का बहाना बनाकर घर में आराम करते है अधिकारी, दिन भर नपा में खाली पड़ी रहती है कुर्सियां

शिवपुरी। नगर पालिका में इन दिनों लोगों को अपने कार्य कराने के लिए पसीना छूट रहा हैं। क्योंकि नगर पालिका समय में अधिकारी कर्मचारी मिल नहीं रहे हैं उनका एक ही बहाना रहता है कि हम शिविर में हैं। क्योंकि कांग्रेस की प्रदेश सरकार ने आपका जनप्रतिनिधि आपके द्वार कार्यक्रम के तहत प्रत्येक वार्ड में शिविर लगाकर लोगों के आवेदन तो लिए जा रहे हैं। 

लेकिन इन आवेदनों पर कोई भी निराकरण नहीं किया जा रहा हैं। इसके लिए आम नागरिक नगर पालिका में भटक रहे हैं। कुछ पार्षदों का कहना था कि  पार्षदों की सुनवाई नहीं हो रही हैं तो आम जनता की क्या सुनवाई होगी। इस बात की शिकायत आज कुछ पार्षदों ने नपा में बैठे चंद बाबूओं से कहा कि आप लोग इस कार्यालय में क्यों बैठे हैं आप भी अपने घर जाओ क्योंकि न तो आमजन के काम हो पा रहे हैं और अधिकारियों के पांच दिन से इस कार्यालय में दर्शन तक नहीं हैं।

पार्षद लालजीत आदिवासी एवं श्यामलाल परिहार का कहना है कि नगर पालिका में अभी हाल में टेंडर तो लगा दिए गए हैं लेकिन इन टेंडरों की फाईलें ही नहीं बनाई जा रही हैं न ही इंजीनियर व सब इंजीनियर बैठ रहे हैं तो शहर में विकास कार्य कैसे होंगे। क्योंकि इन्हें कार्य करना नहीं इंजीनियरों का कहना है कि मंडी के सर्वे कार्य में लगे हुए हैं। जबकि नगर पालिका में साईन वोर्ड 11 बजे से 4 बजे तक नपा में उपस्थित रहने का समय डला हुआ हैं तो फिर वहां मिलते क्यों नहीं हें। कुछ लोगों ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कुछ सब इंजीनियरों का तो यहां तक कहना था कि लोकसभा चुनाव नजदीक हैं और दो चार दस दिन और निकल जाए फिर आचार संहिता लग जाएगी और दो तीन माह और कट जाएंगे। 

जब शासकीय कर्मचारियों की यह सोच रहेगी तो शहर में फिर विकास कार्य कैसे संभव हो सकेंगे। जबकि एक तरफ तो आपका जनप्रतिनिधि आपके द्वार कार्यक्रम के तहत सरकार प्रत्येक वार्ड में लोगों की समस्याओं को सुनने के लिए घर-घर से आवेदन लेकर आ रही हैं जिससे उनकी समस्याओं का निराकरण हो सके लेकिन ऐसे में उनके कार्य कैसे पूर्ण हो सकेंगे। पार्षदों ने आरोप लगाया कि कुछ चुनिंदा दबंग पार्षदों की फाईलों को तो यह अधिकारी घर बुलकार कर पूरी कर देते हैं लेकिन कुछ पार्षद दिन भर नगर पालिका में अधिकारियों के इंतजार करते रहते हैं लेकिन उनके कामों की कोई सुनवाई तक नहीं होती हैं।