नई सरकार में पक रहा हैं ऋण माफी घोटाला,जो कर्जदार नही थे उनका हो गया माफ ऋण | Shivpuri News

एक्सरे @ ललित मुदगल/शिवपुरी। पिछले 14 सालो में कांग्रेस ने वापसी करते हुए सबसे पहली घोषणा किसानो के ऋण माफी की घोषणा की थी,नई सरकार में किसानो के ऋण माफ होने के साथ भी ऋण माफी घोटाला भी पकने लगा हैं। बताया जा रहा है कि जिले की एक पंचायत में ऋण माफी की लिष्ट चस्पा होते ही ऐसे किसानो के नाम सामने आ गए जिन्होने दावा किया है कि हमने कर्ज लिया ही नही तो फिर कैसे कर्ज माफ हो गया। 

कोलारस विधानसभा एंव रन्नौद सोसायटी का ग्राम पंचायत धधेरा में आज ऋण माफ किए किसानो की सूची चस्पा की हैं। इस सूची में इस ग्राम पंचायत के लगभग 50 कर्जाधारियों के ऐसे नाम है जिन्होंने इस बैंक में महज अपनी फसल बैचने के लिए खाता खुलाया था। परंतु अब इस किसानों को बैंकों ने कर्जदार घोषित करते हुए कर्जमाफी में इनका कर्जा माफ करने की पहली प्रोसेस में इनका नाम सामने आ गया है। 

इस गांव के मानसिंह पुत्र नाथूराम 90 साल के बुजुर्ग है। जिन्होंने रन्नौद मर्यादित सहकारी संस्था में अपनी फसल गेंहू को बेचने के लिए खाता खुलबाया था। इस फसल को बेचकर आए पैसे निकालने के बाद यह बुजुर्ग बैंक में ही नहीं गए। लेकिन इस सूची में इनके नाम 90 हजार रूपए का कर्ज सामने आया है। 

दूसरा किसान नाथूराम पुत्र रघुवीर के नाम 57 हजार का कर्जा है। जो कि खाता खुलाने के बाद बैंक में गए ही नही। सरवन लाल पुत्र हरीसिंह धाकड पर 18 हजार 500 रूपए का ऋण आया है। ऐसे ही इसी ग्राम पंचायत में लगभग 50 नाम है जिन्होंने कभी कोई ऋण नहीं लिया और इनका ऋण माफ हो गया। 

इसमें कैसे हुआ घोटाला
यह घोटाला आज का नहीं अपितु पुराना है। यह घोटाला इन बैंकों के कर्ताधर्ताओं द्धारा किया गया है। जिसमें जब किसान सहकारी बैंकों में ऋण लेने पहुंचे और अपनी जरूरत के हिसाब से ऋण ले लिया। परंतु इन किसानों के ऋण की लिमिट एक लाख रूपए है और किसान ने महज 20 हजार रूपए ही ऋण लिया है।

जिसपर इन बैंकों के कर्ताधर्ताओं ने किसान के नाम पर उसी के खाते से 80 हजार रूपए का लोन निकालकर अपनी जेब में रखकर अपने पर्सनल खर्चे में इसका उपयोग कर रहे थे। जब किसान उक्त लोन को चुकता करने के लिए बैंक में पहुंचते तो यह इस लोन की राशि को अपनी जेब से जमा कर अपना काम चला लेते थे,अब ऋण माफी का बिगूल फूक गया तो बैक कर्मियो ने पैसा वापस जमा नही किया,सोचा की अब कर्जा माफ हो जाऐगा,लेकिन अब नियम बदल गए इस कारण यह काण्ड उजागर हो गया। 

इनका कहना है
अगर कोई भी सूची में गलत नाम आ गया है तो यह अभी फायनल नहीं है। फायनल तब होगा जब किसान आवेदन करेंगा। अभी काफी सोसाईटीयों के नाम छूटे हुए है। जिसने कर्जा नहीं लिया वह गुलावी पर्ची पर आपत्ति लगाए। इस आवेदन की जांच होगी जिसमें जो भी दोषी होगा उसपर कार्यवाही होगी। 
एएस कुशवाह,प्रबंधक जिला सहकारी मार्यादित बैंक शिवपुरी। 

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