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सिंधिया समर्थक के घर पुलिस वालों का उपद्रव, पुलिस ने FIR तक नहीं लिखी | SHIVPURI NEWS

शिवपुरी। कोतवाली थाना क्षेत्र में कुछ पुलिस कर्मचारियों ने नशे में धुत होकर सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के नजदीकी कर्मचारी नेता राजेन्द्र पिपलौदा के यहां हमला बोल दिया। सारी रात पिपलौदा घर में दुबके रहे। एसपी शिवपुरी ने उन्हे हमले से तो बचा लिया परंतु कोतवाली में FIR दर्ज नहीं की गई। रात में शराब पीकर उपद्रव करने वाले 2 प्रमुख आरक्षकों को केवल लाइट अटैच किया गया है। 

पीएस के पीछे ब्लू डार्ट कोरियर वाली गली में कांग्रेस कर्मचारी के जिला अध्यक्ष राजेन्द्र पिपलौदा का घर है। इनके घर के पास एक पुलिसकर्मी किराए से रहता है। यहां उसके कुछ विभागीय दोस्तों का आना जाना रहता है। कल रात 10 बजे इसी घर के बहार कोतवाली पदस्थ आरक्षक छोटे चौहान व इंदार थाने में पदस्थ आरक्षक रूद्र प्रताप सिंह चौहान शराब के नशे में धुत होकर एक दूसरे को गालियां दे रहे थे। शोर सुन मोहल्ले में ही रहने वाले हरिश चंद्र शाक्य और राजेंन्द्र पिपलौदा के छोटे भााई राजबिहारी शर्मा ने इन्हे रोकने की कोशिश की तो दोनों आरक्षकों ने कॉलोनीवालों के प्रति अभद्रता शुरू कर दी। 

इसी बीच हरिशचन्द्र शाक्य की पत्नि भी वहां पहुंच गई। नशे में टुल्ल इन आरक्षकों ने उक्त महिला से भी अभद्रता कर मारपीट भी कर दी। बताया जा रहा है कि इसी समय राजेंद्र पिपलौदा भी वहां पहुंच गए। उन्होने इन आरक्षकों को समझा बुझा कर भगा दिया। बताया जा रहा है कि इस घटना के लगभग आधा घंटा बाद यह पुलिसकर्मी अपने अन्य साथियों सहित हाथों में लट्ठ और सरिया लेकर राजेन्द्र पिपलौदा के घर पहुंच गए और उनके घर पर धावा बोल दिया। मौके की गंभीरता को देखते हुए राजेन्द्र पिपलौदा ने दरवाजे नहीं खोले। शिवपुरी समाचार डॉट कॉम से बात करते हुए पिपलौदा ने बताया कि गनीमत रही कि मेरे घर का दरवाजा बंद था। नही तो पुलिसकर्मी मेरे घर में घुस सकते थे और मेरे परिवार को नुकसान पहुंचा सकते थे। 

राजेन्द्र पिपलौदा ने कहा कि नशे में टुन्न पुलिसकर्मियों ने मैरे घर की घंटी तोड़ दी दरवाजे में सरिए मारे गाली ग्लौच की। मैने तत्काल पुलिस अधीक्षक को फोन पर इस घटना की जानकारी दी। उन्होने डायल 100 को पहुंचा दिया। डायल 100 के स्टाफ ने इन दारू में धुत्त पुलिसकर्मियो को पकडा घटना स्थल से बाईक को भी बरामद किया। 

बताया जा रहा है कि कोतवाली में ले जाकर इन पुलिस कर्मियो को छोड़ दिया इनका कोई मेडिकल नही कराया गया और न ही कोई मामला दर्ज किया गया। रात भर पूरे कॉलोनी वाले मामला दर्ज कराने के लिए परेशान होते रहे,लेकिन कोतवाली पुलिस ने कोई मामला दर्ज नही किया। 

राजेन्द्र पिपलोदा ने बताया कि इस कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज न होने पर एसपी को इस बात की सूचना दी तो उन्होने कहा कि कोतवाली टीआई से बातचीत करो। कोतवाली टीआई बादाम सिंह से बातचीत तो उन्होने कहा कि मै बहार हूॅ कल शाम तक शिवपुरी पहुंच रहा है, इस मामले की जांच करवाकर आगे कार्रवाई करेेंगे।

यह बता दे कि राजेन्द्र पिपलौदा सांसद सिंधिया के खास नेताओं में गिने जाते है वह ब्राह्मण समाज के सम्मेलन समिति के संयोजक हैं। सुबह जब इस मामले को लेकर हलचल शुरू हुई तो कांग्रेसी नेताओं को संतुष्ट करने और उपद्रवी आरक्षकों को एफआईआर से बचाने के लिए उन्हे लाइन अटैच कर दिया गया। यहां बता दें कि पुलिस विभाग में 'लाइन अटैच' केवल एक व्यवस्था है, यह सजा नहीं है और ना ही विभागीय कार्रवाई शुरू किए जाने का आदेश।