चिंतायुक्त खबर: जिले में खाद - यूरिया का सूखा, हाथ पर हाथ धरे बैठी नई नवेली सरकार | Shivpuri News

शिवपुरी। जिले में खाद-यूरिया का संकट लगातार बड रहा हैं, कांग्रेस सिर्फ पत्र लेखन और केन्द्र सरकार पर आरोप लगाने के अतिरिक्त कुछ नही कर पा रही हैं,सिर्फ हाथ पर हाथ धरे बैठी है। जिले में पिछले 4 साल से बारिश नही हुई थी इस कारण किसान परेशान था इस बार बारिश खेती के उपयुक्त हुई है तो किसानो के खेतो में खाद - यूरिया का सूखा पड गया। मप्र की नई नवेली नई नवेली दुल्हन की तरह ही हाथ पर हाथ धरे बैठी हैं।

वैसे तो जिलेभर में खाद की कमी से किसान जूझ रहे हैं लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी बदरवास, कोलारस, करेरा में सामने है। करैरा में तो आलम यहां तक है कि जब किसान दस कट्टे खाद की मांग करते हैं, तो उन्हें दस के बदले महज एक कट्टा दिया जाता है। हालांकि बीते दो दिन से तो सरकारी केन्द्रों पर खाद उपलब्ध ही नहीं है, इस बात की पुष्टि करैरा के एसडीएम उदय सिकरवार ने भी की है। 

वहीं बदरवास में भी खाद के लाले पड़े हुए हैं। इधर जिले में बीते चार दिन पहले 1900 मीट्रिक टन खाद की रैक आई तो है, लेकिन किसानों का असंतोष अब तक दूर नहीं हो सका है। इधर कलेक्टर शिल्पा गुप्ता ने कहा है कि जिले के किसानों को समय रहते खाद उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दे दिए हैं।
                                   
पढिए करैरा के किसानो के हाल 

बीते रोज खाद न मिलने से परेशान जो किसान करैरा एसडीएम सिकरवार से मिलने गए और ज्ञापन दिया उन किसानों से एसडीएम ने खुद कहा कि करैरा के सरकारी सोसायटी तो छोडिये निजी कारोबारियों के पास खाद मौजूद नहीं है। इस बात की जानकारी उन्होंने जिले के कृषि अधिकारियों को दे दी है। हालांकि किसानों का कहना है कि सरकारी केन्द्रों पर भले ही खाद नहीं है लेकिन बाजार की दूकानों पर उन्हें मंहगे दाम पर खाद के कट्टे मिल रहे हैं।

बदरवास में भी खाद संकट 

बदरवास सोसायटी पर सितंबर के बाद पांच दिन पहले सिर्फ 2700 यूरिया खाद के कट्टे आए थे, जो सिर्फ दो दिन में ही बटे और खाद खत्म हो गया। उसके बाद से आज तक खाद नहीं है। तब एक किसान को आधार कार्ड व जमीन की किताब से यूरिया खाद के केवल चार कट्टे ही मिल सके।  बाजार मे खाद मिल नहीं रहा। गोदाम पर एक भी कट्टा नहीं है और किसानों की भारी भीड़ है। लखन गर्ग गोदाम प्रभारी बदरवास का कहना है कि बदरवास को अभी कम से कम 12000 हजार यूरिया खाद के कट्टे चाहिए, लेकिन मिले सिर्फ 2700 यूरिया के कट्टे, हमने और खाद की मांग की है, जिससे बदरवास क्षेत्र के किसानों की पूर्ति हो सके।

कोलारस का अन्नदाता भी परेशान 

कोलारस के किसानो को गेहूं और अन्य फसल एवं सब्जी के लिए यूरिया खाद की आवश्यकता है किन्तु सोसायटियो पर यूरिया उपलब्ध नही है। किसानों की मानें तो यूरिया गोदामों में भंडारण कर रखा है और दलालो के माध्यम से 270 रुपए में विकने वाला यूरिया 370 से लेकर 400 रुपए तक किसानों को ब्लैक में बेचा जा रहा है। यूरिया के नाम पर किसानों के साथ दलाल खुलेआम लूट खसोट कर रहे है। 

सोसायटियो के माध्यम से विकने बाला यूरिया खाद गोदामो में अबैध रूप से भण्डारण कई माह पूर्व से किए हुए है। जिससे किसानो को यूरिया की आवश्यकता होने पर अब उसी यूरिया पर 100 रुपए से लेकर 150 रुपए तक अधिक कीमत में यूरिया किसानों को मिल पा रहा है। इधर एसडीएम कोलारस ने कहा कि किसानों को परेशान नहीं होने देंगे।

यहां तो आफिस में ही ताला लगा है

खनियांधाना के वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी के कार्यालय पर तो अक्सर ताला ही लगा रहता है, जिससे किसानों की समस्या सुनने वाला तक मौके पर कोई नहीं रहता। किसानों का कहना है कि उन्हें एक तो खाद नहीं मिल पा रहा तो दूसरी ओर शिकायत भी करने जाएं तो किसके पास, क्योंकि कार्यालय पर हमेशा ताला ही लगा रहता है। जब इस बारे में पता किया गया तो जानकारी मिली कि एक ही अधिकारी के पास पिछोर व खनियांधाना का चार्ज होने से अक्सर तालाबंदी के हालात बनते हैं।

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