नगर पालिका के आधिपत्य में लेने से पहले ही मामले में एसडीएम शिवपुरी के यहां अपील कर दी है। दुकानों से बेदखल होने के बाद हाफिज इरशाद अहमद कादरी निवासी पुरानी शिवपुरी ने दुकानें पुरानी बताईं हैं। जिनकी मरम्मत करा रहे थे।
जानकारी के मुताबिक ईदगाह स्थित रोड किनारे बाउंड्रीवाल की आढ़ में पीछे दुकानों का निर्माण चल रहा था। जब बाउंड्रीवाल हटाकर शटर लगाने का काम शुरू हुआ तो प्रशासन हरकत में आया। पटवारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर तहसीलदार शिवपुरी ने सितंबर 2018 में आदेश दिया जिसमें अतिक्रमित भूमि का बाजारू मूल्य 93 लाख 87 हजार रुपए आंका।
इसी के आधार पर पांच प्रतिशत यानी 4 लाख 69 हजार 350 रुपए अर्थदंड हाफिज कादरी पर अधिरोपित किया। वहीं नपा सीएमओ को आदेश दिए कि अतिक्रमित सरकारी जमीन पर मौके पर बनी बाउंड्रीवाल व दुकानें नगर पालिका शिवपुरी की सुपुर्दी में ली जाएं। नगर पालिका ने आधिपत्य छोड़ने संबंधित को विधिक लेटर जारी किया।
लेकिन उससे पहले ही एसडीएम कार्यालय में मामले की अपील कर दी। शिवपुरी एसडीएम प्रदीप तोमर का कहना है कि प्रकरण में पूरी जांच पड़ताल के बाद फैसला लेंगे। बताया जाता है कि इस मामले की वक्फ बोर्ड भोपाल में भी शिकायत की गई है। जहां से राजस्व विभाग के दो अधिकारियों को सोमवार को बुलाया गया है। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का मामला लंबा खिचता नजर आ रहा है।

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