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केपी सिंह जीते लेकिन खतरे की घंटी पीछे चल रही है

शिवुपरी। जिले की पिछोर सीट जो कांग्रेस की अजेय किला है। भाजपा पिछले 6 बार से इस किले पर फतेह करना चाहती है लेकिन हर बार हार जाती है। ऐसा इस बार भी हुआ,भाजपा के प्रीतम पिछोर के पहलवान को चित्त नही कर सके और वे स्वंय भी हार गए। भाजपा के प्रत्याशी प्रीतम लोधी ने पूरी आक्रमणता के साथ चुनाव लडा लेकिन जीत नही सके। 

केपी सिंह लगातार छठवी बार जीत गए है,लेकिन खतरे की घंटी उनके पीछे चल रही है। कई हजारो में जीतने वाले केपी सिंह जीत धीरे—धीरे सिमट रही है। भाजपा को केपी सिंह को पछाडने लिए चनावी रिंग में उतारने के लिए प्रीतम लोधी प्रहलवान मिल गया है। पिछले चुनाव में प्रीतम लोधी के प्रर्दशन ने सबको चौकाया था,इस प्रर्दशन के कारण ही प्रीतम को भाजपा ने रिपीट किया था। प्रीतम के दमदार प्रर्दशन के कारण केपी सिंह के कैरियर की यह सबसे छोटी जीत रही। केपी सिंह इस बार चुनाव जीत गए लेकिन कम अंतर जीत की खतरे की घंटी लटक गई है।