शिवपुरी। डेढ़ साल से लापता महिला को ढूढ़ने एवं कोई कार्रवाई न करने पर हाईकोर्ट ने शिवपुरी पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर की है। हाईकोर्ट ने शिवपुरी एसपी को आदेश दिया है कि वे एक सप्ताह में एफिडेबिट प्रस्तुत कर बताएं कि इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की? एडवोकेट मोहित शिवहरे ने बताया कि शिशुपाल परिहार की पत्नी करीब डेढ़ साल पहले लापता हुई थी।
जिसकी शिकायत उनके द्वारा करैैरा पुलिस थाने से लेकर मप्र के डीजीपी तक की गई। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, इस बीच पत्नी के अगवा होने की सूचना भी मिली। तब अगवा करने वाले लोगों ने फोन कर 2 लाख रुपए की फिरौती मांगी और पत्नी से बात कराई। बातचीत में पत्नी ने बताया कि जिस जगह उसे रखा गया है वहां 2-3 महिलाएं औैर बंधक बनाकर रखी गई हैं और रोजाना अलग-अलग पुरुष आकर बलात्कार करते हें।
शिशुपाल ने 19 जुलाई 2018 को पुलिस अधिकारी से भी पत्नी की बात एक मोबाइल नंबर पर कराई। इसके बाद भी पुलिस उक्त नंबर की लोकेशन व अन्य जानकारी नहीं निकाल सकी। यदि एेसा होता तो आरोपी एवं पत्नी तक पुलिस पहुंच सकती थी। श्री शिवहरे ने बताया कि याचिका में शिशुपाल ने राजेश परिहार एवं सुघर परिहार को पत्नी के अगवा होने में शामिल बताया है। लेकिन सुघर परिहार शासकीय सेवा में होकर एसडीएम का गार्ड है इसलिए पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही।

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