बैराड़ नगर पंचायत में अब बाजार बैठकी वसूली में घोटाला, शासन को लगाया लाखों का चूना

माखनसिंह धाकड़, बैराड। नगर परिषद बैराड़ से अभी हाल में स्थानांतरित होकर परियोजना अधिकारी शहरी विकाश अभिकरण बने सीएमओ मधुसूदन श्रीवास्तव द्वारा नगर परिषद में डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में भारी अनियमितता की गई है। उसके साथ ही शिवपुरी में हुए भावांतर घोटाले की तरह नगर परिषद बैराड़ में विगत 2 वर्षों से बाजार बैठकी वसूली में भारी घोटाला कर शासन को लाखों की चपत जांच के दौरान सामने आ रही है। 

अब इस घोटाले को सीएमओ द्वारा दबाने के लिए कागजों में बाद में काट छांट करने के साथ अपने छोटे कर्मचारियों पर गाज गिराने की तैयारी की जा रही है। ज्ञात रहे नगर परिषद बैराड़ के गठन के बाद प्रथम वर्ष 2015 16 में बाजार बैठकी का ठेका 7.51लाख रुपये में हुआ हुआ था इसके बाद बाजार वसूली का ठेका बदनीयती  की भेंट चढ़ गया।  दूसरे वर्ष 2016-17 में यह ठेका 5 लाख में सांठगांठ पूर्वक किया गया। 

तीसरी वर्ष सीएमओ कमल किशोर शिवहरे द्वारा वसूली कराई गई जिसमे रोज 1 हजार से लेकर 2 हजार तक की वसूली कराई गई और नगर परिषद में जमा कराई परंतु सीएमओ मधुसूदन श्रीवास्तव आने के बाद बाजार बैठकी वसूली का ठेका न करते हुए नगर परिषद के ही एक कर्मचारी को महज चार्ज देकर अपने निजी व्यक्तियों से डेढ़ साल से वसूली कराई जा रही है। जिसमें 400 से 500 तक जमा कर शासन को चूना लगाया गया है वहीं गत 2 माह से बाजार बैठकी का पैसा नगर परिषद में जमा ही नहीं कराया गया। 

वसूली के कट्टे भी नगर परिषद से इश्यू नहीं हुए जो सीएमओ की जिम्मेदारी होती है जब भाजपा पार्षद राजीव सिंघल द्वारा सूचना के अधिकार के तहत आवेदन लगाया तब हरकत में आकर सीएमओ द्वारा 58 दिनों का पैसा एक साथ एक ही दिन में नगर परिषद में करीब 20 हजार रुपये जमा कराया जाना जहां नियम के विपरीत है वहीं बाजार बैठकी में हुए लाखों के घोटाले को उजागर करता है। इसके लिए दोषी सीएमओ के खिलाफ कार्यवाही आवश्यक है जबकि सीएमओ द्वारा इस प्रकरण को छोटे कर्मचारियों पर थोप कर अपने को बचाया जा रहा है। 

ऐसी हुई है गड़बड़ी
2 वर्षों से बाजार बैठकी का ठेका विज्ञप्ति निकाल कर विधिवत नीलामी नहीं किया जाना एवं प्राइवेट बसूली कराना भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। बाजार बैठकी रोज वसूली कराने पर रोज एकत्रित पैसा निकाय में जमा कराना चाहिए जो नियमित रूप से जमा न कराकर मनमर्जी से जमा कराया गया है। 

बाजार बैठकी वसूली के लिए विधिवत नगर परिषद के छपे हुए सीन लगे कटे सीएमओ यथा समय शुरू करता है परंतु ऐसा नहीं किया गया है बाजार के खरीदे फर्जी कट्टो से वसूली की गई है।। नगर परिषद बैराड़ में बाजार बैठकी में प्रतिदिन 3 से 4 हजार रुपयों की वसूली होती है जबकि 400 रोज जमा कराए हैं इस हिसाब से डेढ़ वर्षो में करीब 15 लाख रुपए का चूना नगर परिषद को लगाया गया है। 

पार्षदों ने की जांच की मांग 
नगर परिषद में बाजार बैठकी वसूली में हुए घोटाले की भाजपा पार्षद राजीव सिंघल, सुखीया सेन, रवि नामदेव सुचित्रा बेडिया आदि ने कलेक्टर शिवपुरी से बैराड़ नगर परिषद में बाजार बैठकी में हुए सीएमओ के कार्यकाल से रिलीव होने तक के कार्यकाल तक हुये घोटाले की जांच कराए जाने की मांग की है। 

इनका कहना है-
मेरे द्वारा वसूली का पैसा नहीं रोका गया है मुझे वसूली शाखा प्रभारी द्वारा पैसा जब जमा कराया है उसी दिन मैंने वसूली का पैसा बैंक में जमा कराया है।
प्रखर सिंघल, लेखापाल नगर परिषद बैराड
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