शिवपुरी। अभी अभी खबर आ रही है कि एस्टोसिटी एक्ट के मामले में जिला चिकित्सालय शिवपुरी के सिविल सर्जन गोविंद सिंह को आज शिवपुरी न्यायालय में जमानत मिल गई है। इस मामले में अभी तक गोविंद सिंह फरार चल रहे थे। आज दोपहर गोविंद सिंह कोर्ट पहुंचे। उनके पीछे कोर्ट परिसर में ही पुलिस पहुंची और तत्काल गोविंद सिंह को हिरासत में लेकर माननीय न्यायालय में पेश किया। इस मामले की सुनवाई करते हुए विशेष सत्र न्यायाधीश अरूण कुमार वर्मा ने इन्हें जमानत दे दी है।
जानकारी के अनुसार अभी कुछ दिनों पूर्व सिविल सर्जन गोविंद सिह अपने चैंवर में बैठकर बात कर रहे थे। इन बातों के दौरान गोविंद सिंह ने अमित शाह सहित सहित हरिजन एक्ट के खिलाफ जमकर गाली गलौच देते हुए कैमरे में कैद हो गए थे। इस मामले में महिला एवं बाल विकाश विभाग के लिपिक दिग्विजय सिंह चंदैल की शिकायत पर गोविंद सिंह के खिलाफ धारा 153ए, 294,180 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में ले लिया था।
इस मामले में पुलिस ने जांच के दौरान एससीएसटी एक्ट की धाराओं में इजाफा करते हुए कार्यवाही जारी रखी। इस मामले में तत्काल कार्यवाही करते हुए इन्हें पद से सस्पेड कर दिया गया। उसके बाद सिविल सर्जन गोविंद सिंह ने इस मामले में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी। जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। उसके बाद आज सिविल सर्जन गोविंद सिंह कोर्ट पहुंचे। उनके पहुंचने के तत्काल बाद कोतवाली पुलिस वहां पहुंची और खाना पूर्ति कर तत्काल उन्हें गिरफतार कर कोर्ट में पेश किया। जहां कोर्ट में शासकीय अधिवक्ता और गोविंद सिंह के अधिवक्ता गिरीश गुप्ता ने अपना अपना पक्ष रखा।
जिसपर सुनवाई करते हुए माननीय न्यायाधीश अरूण कुमार वर्मा ने कोर्ट में पर्याप्त सबूत और वीडियों रिकोडिंग की जांच की बात कहकर इस मामले में 25 हजार के मुचलके पर जमानत दे दी।


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